फोटो संख्या:60- नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में ऑपरेशन के बाद महिला मरीज का हालचाल पूछता चिकित्सक
महेंद्रगढ़। शहर स्थित नागरिक अस्पताल में पहली बार कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण हुआ है। इससे पहले कभी नागरिक अस्पताल में कूल्हे का प्रत्यारोपण नहीं हुआ है। महिला अब पांच दिन बाद ठीक हो जाएंगी और अस्पताल की ओर से उनको डिस्चार्ज किया जाएगा।
गांव जाटूसाणा निवासी 61 वर्षीय बिमला देवी को 8 माह पहले गिरने से दाएं कूल्हे में फ्रेक्चर हो गया था। इसके बाद उन्होंने रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में कूल्हे का ऑपरेशन कराया।
ऑपरेशन में बिमला के कूल्हे में रॉड डाली गई लेकिन दो महीने बाद ही रॉड से बिमला को उठने- बैठने और दैनिक कार्य करने में परेशानी होने लगी। अब 8 माह से परेशान हो रही थी। तब उनको महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल में कूल्हा प्रत्यारोपण की जानकारी मिली।
पिछले ऑपरेशन में उन्होंने 1.5 लाख रुपये खर्च किए और वह ऑपरेशन फेल हो गया। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा। अब महिला ने नागरिक अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के तहत अपना दाहिना कूल्हा बदलवा लिया है।
कूल्हे की व्यवस्था आयुष्मान कार्ड के तहत मान्यता प्राप्त कंपनी की आरे से की गई। हड्डी रोग विशेषज्ञ व सर्जन राहुल यादव ने सोमवार को महिला की जांच की और ऑपरेशन के लिए बुधवार का समय दिया। अब बीते बुधवार को बिमला का नागरिक अस्पताल में ऑपरेशन हुआ और उनका कूल्हा बदला गया।
ऑपरेशन को तीन दिन हो चुके हैं और अब तक महिला को किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई है। महिला के पति ओमप्रकाश ने बताया कि कुछ दिनों से बिमला को सहारे की जरूरत होने लगी थी और स्वयं से चल भी नहीं पा रही थी।
वर्जन:
बिमला का दाहिना कूल्हा बदला गया है और यह नागरिक अस्पताल का पहला कूल्हा प्रत्यारोपण हुआ है। महिला की प्रतिदिन देखभाल की जा रही है। पांच दिन बाद महिला को डिस्चार्ज किया जाएगा और अब उनको चलने-फिरने में भी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। -राहुल यादव, हड्डी रोग विशेषज्ञ, महेंद्रगढ़