संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। पिछली तीन साधारण बैठकें पार्षदों व प्रधान की आपसी खींचतान के बाद कोरम के अभाव में स्थगित हो गई थीं। अब वर्ष 2026-27 के लिए विकास कार्याें को लेकर बुलाई गई पहली ही बैठक स्थगित होने से शहर के विकास कार्याें पर ब्रेक लग चुका है।
वित्तीय बैठक नहीं होने से अब भवन निर्माण, सफाई, लाइट व्यवस्था, कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य छोटे-मोटे बिलों के भुगतान बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। इससे पूर्व तीन साधारण बैठकें भी आपसी खींचतान की भेंट चढ़ चुकी हैं। इससे 100 करोड़ के विकास कार्याें सहित कुल 50 के करीब एजेंडे भी उलझ गए हैं।
39.13 करोड़ के 23 एजेंड़ों सहित इस बैठक में नगर पालिका की आय-व्यय पर भी मंथन होना था। पालिका का तीन साल दस माह का कार्यकाल बीत चुका है। विकास के नाम पर शहर में 11 हट्टा बाजार की सड़क का निर्माण, छह इंटर लॉकिंग वाली सड़क ही बनाई गई हैं हालांकि बुधवार को बुलाई गई बैठक को लेकर भी पार्षद गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
पार्षद अपने ही वार्डों में नहीं दिखा रहे गंभीरता
शहरवासियों ने जिन उम्मीदों से अपने वार्डों के पार्षदों को चुना था वह अभी तक लोगों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे हैं क्योंकि अभी तक अधिकांश वार्ड पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों के विकास कार्याें के प्रस्ताव बनाकर नहीं दिए हैं। पार्षदों के पास भी अपने वार्डों में विकास के नाम पर महज एक-दो गलियों का निर्माण ही गिनाने को है।
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कोरम के अभाव में वित्तीय बैठक स्थगित होने के बाद अब बुधवार को दोबारा बैठक बुलाई गई है। बैठक के लिए सभी पार्षदों को एजेंडे की लिखित कॉपी उपलब्ध कराई गई है। शहर के विकास के लिए वित्तीय बैठक में सभी का पहुंचना अनिवार्य है।
रमेश सैनी, प्रधान नगरपालिका महेंद्रगढ़।