एक फाइनेंस कंपनी चार गांवों की महिलाओं से लोन दिए जाने के नाम पर लगभग चार लाख रुपये लेकर फरार हो गई। इस संबंध में पीड़ित महिलाएं एसडीएम दिनेश कुुमार से मिली। एसडीएम ने कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
मनीषा, सविता, सुनीता, रीना, सपना, पूजा और बिमला महिलाओं ने बताया कि कुछ दिन पहले बाइक पर दो व्यक्ति आए थे। उन्होंने फाइनेंस कंपनी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी गरीब महिलाओं को 60 हजार रुपये का लोन देती है और डेढ़ लाख रुपये का बीमार भी करती है। पहली बार वो उनकी फोटो खींचकर लेकर गए तथा 150 रुपये भी लेकर गए। बाद में दूसरी बार आकर 2500 रुपये, आधार कार्ड, बैंक खाते की कॉपी की फोटो स्टेट, पहचान पत्र लेकर गए। दो दिन बाद उन्होंने फिर 2500 रुपये मांग लिए जिससे उनका बीमा किया जाएगा। इस प्रकार कंपनी ने 5150 रुपये महिलाओं से ले गए। कंपनी वालों ने उनको सोमवार तक 60 हजार रुपये की राशि उनके खाते में डाल देने की बात कही थी। चार गांवों की लगभग 100 महिलाएं उनके चक्कर में आ गई जिनसे वो लगभग चार लाख रुपये ले गए। शाम को कुछ महिलाओं ने उनके पास फोन भी किया तो उनके द्वारा दिए गए फोन नंबर स्वीच ऑफ आ रहा था। मंगलवार को उसके महेंद्रगढ़ कार्यालय पहुंची तो उनके कार्यालय पर ताला लगा था जबकि फोन मंगलवार को भी स्वीच ऑफ आ रहा था। इस संबंध में वो एसडीएम दिनेश कुमार से मिली। एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
फाइनेंस कंपनी संचालकों ने महिलाओं को 60000 रुपये का लोन दिए जाने का लालच दिया था। कंपनी को 24 महीने में लोन की राशि वापस करनी होगी। इसके लिए लगभग 3000 रुपये प्रति महीना किश्त भरनी होगी। इसके अलावा लगभग डेढ़ लाख रुपये का बीमा भी किए जाने की बात कही थी। दुर्घटना हो जाने और गंभीर रूप से बीमार हो जाने पर लगभग डेढ़ लाख रुपये तक खर्च कंपनी देगी।