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Mahendragarh-Narnaul News: अदालत ने एसबीआई की अपील ठुकराई, ठोका जुर्माना

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नारनौल। मार्च 2024 को निचली अदालत के फैसले को सही मानते हुए सेशन जज ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अपील को खारिज करने का फैसला सुनाया है। साथ ही एसबीआई को पीड़ित परवीन कुमार की पत्नी के खाते में जमा 15 लाख रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से लौटाने का आदेश दिया है।
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सेशन जज नरेंद्र सूरा ने बैंक को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बैंक मुकदमा दायर होने की तिथि से ब्याज के साथ राशि वापस करे। साथ ही जज ने बैंक पर 5,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया। वादी के पति के मुताबिक, उर्मिला का बैंक खाता महेंद्रगढ़ शाखा में था। उनकी मृत्यु 3 मार्च 2014 को हुई थी और उनके बैंक खाते में 17 लाख की राशि जमा थी।
पति ने आरोप लगाया कि बैंक के एक कर्मचारी (कैशियर) ने फर्जी हस्ताक्षर करके खाते से पैसे निकाल लिए। परवीन और उसके दोनों बच्चे उर्मिला के नॉमिनी थे। बैंक द्वारा रुपये वापस न देने पर परवीन ने अदालत में केस किया था।
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निचली अदालत ने रकम लौटाने का सुनाया था फैसला
उक्त मामले में सुनवाई करते हुए सिविल जज (जूनियर डिवीजन) महेंद्रगढ़ ने 5 मार्च 2024 को वादी के पक्ष में फैसला सुनाया था और बैंक को आदेश दिया था कि वह 15 लाख की राशि छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वादी को लौटाए। बैंक ने इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी।

सेशन जज ने बरकार रखा निचली अदालत का फैसला
सेशन जज ने रिकॉर्ड की जांच में पाया कि बैंक केवल दो निकासी फॉर्म ही पेश कर सका जिनसे कुल दो लाख की निकासी हुई। शेष राशि की निकासी के लिए बैंक के पास कोई रिकॉर्ड या फॉर्म उपलब्ध नहीं था। साथ ही यह स्वीकार किया गया कि बैंक कर्मचारी भीम सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था और उसे दोषी भी ठहराया गया था।
अदालत ने बैंक की इस दलील को खारिज कर दिया कि वह कर्मचारी के कृत्य के लिए जिम्मेदार नहीं है। अदालत ने कहा कि चूंकि कर्मचारी बैंक का नियमित सेवक था और उसने ड्यूटी के दौरान धोखाधड़ी की इसलिए बैंक इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार है।
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