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Mahendragarh-Narnaul News: खींचतान में उलझी शहर की सरकार, हंगामे की भेंट चढ़ी सदन की तीसरी बैठक, 12 पार्षदों ने जताया विरोध

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फोटो संख्या:66- हंगामें के बाद बैठक से बाहर आए नपा सचिव गौरव सांगवान को बैठक के लिए वापिस ले जा
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महेंद्रगढ़। शहर में नगर पालिका सदन की तीसरी बैठक भी हंगामे की भेंट चढ़ गई। करीब एक घंटे बीस मिनट तक चली तीखी बहस के बाद प्रधान रमेश सैनी और सचिव गौरव सांगवान ने बैठक स्थगित की घोषणा के बाद वॉकआउट कर दिया। बाद में पार्षद उनके पीछे दौड़े और भागने का आरोप लगाकर उन्हें बैठक करने पर विवश कर दिया।
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वहीं पार्षदों के विरोध, असहमति और असंवैधानिकता के आरोपों के बीच सदन में हंगामा चरम पर रहा। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। दोपहर करीब 2:20 मिनट पर पार्षद प्रतिनिधियों को बैठक से बाहर किया और बैठक शुरू हुई और इसके बाद एजेंडों की शुरुआत होते ही पार्षदों ने विरोध जता दिया।
बाद में 12 पार्षदों ने एक एजेंडा सुना और अन्य एजेंडे बिना देखे असहमति देकर बैठक को असंवैधानिक बताकर विरोध किया। बाद में बैठक स्थगित कर दी गई। वहीं, पांच पार्षदों ने बैठक में सहमति जताई।
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बैठक की शुरुआत दोपहर एक बजे हुई और इसमें सभी पार्षद, प्रतिनिधि और नगर पालिका अधिकारी मौजूद रहे। बैठक शुरू होते ही पार्षदों ने अचानक जवाबी हमला कर दिया और प्रधान को बोलने तक मौका नहीं दिया। पार्षदों व प्रधान के बीच जमकर तू-तड़ाकर हुई।
पुलिस मौके पर थी लेकिन व्यवस्था संभालने में नाकाम रही। वहीं, सचिव भी पूरी तरह बैठक संचालन में नाकाम साबित हुए और प्रधान को स्वयं एजेंडे बताने पड़े। लोग भी खिड़कियों से सदन का हंगामा देखते रहे।


एजेंडों को भूल दो धड़ों में बंटी शहर की सरकार
प्रधान व उप प्रधान दो धड़ों में बंटे हैं। एक धड़ा प्रधान रमेश सैनी के साथ खड़ा है तो दूसरा उप प्रधान मंजू कौशिक साथ खड़ा है। एक धड़े ने वीरवार शाम को ही अपनी मंशा जाहिर कर दी थी। ऐसा लग रहा था कि सदन की बैठक से पहले ही हंगामा तय था। नपा सदन की ओर से तय किए गए 100 करोड़ रुपये के 30 एजेंडों में से किसी पर भी चर्चा तक नहीं हो सकी। आलम यह है कि शहर की सरकार की पिछली योजना भी आपसी खींचतान की भेंट चढ़ गई थी और इस बार भी तीन बैठकें आपसी खींचतान के कारण रद्द हो गई।

प्रधान पर लगे आवाज दबाने के आरोप
बैठक के दौरान पार्षदों ने प्रधान पर वार्डों में असमान विकास कार्य कराने और विरोध करने वालों की आवाज दबाने के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि प्रधान ने अपने व समर्थक पार्षदों के क्षेत्रों में गलियों का निर्माण और स्ट्रीट लाइटें लगवाईं जबकि अन्य वार्डों की अनदेखी की गई। इस पर प्रधान ने भी पलटवार करते हुए कुछ पार्षदों पर अपने घरों के आसपास बजट खर्च कर कार्य करवाने का आरोप जड़ा।

प्रधान ने भी पार्षदों पर लगाए गंभीर आरोप
प्रधान रमेश सैनी ने बैठक से पहले प्रेस वार्ता की और इसमें दो पार्षदों पर अन्य सभी पार्षदों पर व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कानूनी कार्रवाई, जेल जाने का डर दिखाकर पार्षदों को बैठक में न जाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्षदों व प्रतिनिधियों की ओर से विकास रोकने का प्रयास किया जा रहा है और बैठक को असफल करना ही उनका मुख्य उद्देश्य है। साथ ही पार्षदों को आरोप सबूत के साथ सिद्ध करने का चैलेंज दिया और सही साबित होने पर इस्तीफा देने का बयान दिया। साथ ही अगर झूठा साबित होने पर पार्षद स्वयं का इस्तीफा तैयार रखें।
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- वर्जन:
बैठक में 30 एजेंडों पर चर्चा की जानी थी लेकिन 12 पार्षदों ने पहले एजेंडे पर ही असहमति जता दी और अंत में बैठक को असंवैधानिक बताकर बहिष्कार कर दिया। कुछ अवांछित लोगों की पहली सोची समझी योजना के चलते हंगामा हुआ और बैठक स्थगित करनी पड़ी। -रमेश सैनी, प्रधान, नगर पालिका

फोटो संख्या:66- हंगामें के बाद बैठक से बाहर आए नपा सचिव गौरव सांगवान को बैठक के लिए वापिस ले जा

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