बसीरपुर निवासी चंडीगढ़ पुलिस में तैनात युवक बुधवार को घर आया था। उसे सर्दी, खांसी व बुखार की शिकायत थी। इस पर उसे एंबुलेंस से नारनौल जीएच में लाया गया था। जहां पर उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाना था। बुधवार की रात नौ बजे बहाना बनाकर पुलिस कर्मी घर भाग गया। जब कुछ देर बाद नहीं लौटा तो स्वास्थ्य कर्मियों ने उसकी तलाश की। नहीं मिलने पर सूचना पुलिस को दी। सदर थाना महेश शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने उसके घर को घेर लिया। इसके बाद करीब दो घंटे बाद पुलिस उसे एंबुलेंस से लेकर जीएच आई। इसके बाद उसका सैंपल लेकर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि युवक चंडीगढ़ पुलिस में कार्यरत है। लोगों से लिफ्ट लेकर बुधवार को गांव पहुंचा था। गांव वालों उसकी जांच कराने के लिए कहा। बुखार की शिकायत होने पर उसे अस्पताल लाया गया था। गांव वालों के अनुसार डॉक्टरों ने ठीक बताया था। वहीं डॉक्टर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जवान बिना सैंपल दिए बाइक से घर चला गया। जब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने देखा तो वह वार्ड में नहीं था। इसके बाद पुलिस दोबारा लेकर जीएच आई। पुलिसकर्मी को जीएच के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है और वीरवार को सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
कोरोना वायरस को लेकर चल रही सैंपलिंग के तहत वीरवार को 46 मरीजों के सैंपल जांच के लिए अब रोहतक भेजे गए हैं। अभी तक 250 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। अभी तक किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं है। वहीं एक मरीज अस्पताल से फरार हो गया था जिसे पकड़कर दोबारा भर्ती किया गया है।
कोविड-19 नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को भी जीएच समेत केंद्रों पर सर्दी, जुकाम व बुखार के 46 मरीजों की सैंपलिंग की गई। जीएच में फ्लू कार्नर व अन्य से 25 लोगों के सैंपल लिए गए। इसके अलावा कनीना से पांच, सतनाली से छह, नांगल चौधरी से पांच व अटेली से पांच सैंपल लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी के सैंपल अब गुरुग्राम के बजाय रोहतक भेजे गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ में कोरोना का अभी तक कोई मरीज नहीं मिला है। अभी तक जिले में कुल 82 नागरिकों को निगरानी व एकांतवास में रखा गया है। फिलहाल जिले में 22 ऐसे नागरिक हैं जो निगरानी व एकांतवास में है।