नारनौल व नांगल चौधरी और अटेली की अनाज मंडियों में सोमवार को सरसों की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिली। क्षेत्र में सरसों की कटाई का कार्य अब लगभग पूरा हो गया है और आगामी दिनों में सरसों की आवक में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सरसों के न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार भाव में अधिक अंतर नहीं होने के कारण सरसों की आवक प्रभावित हो सकती है।
सोमवार को अटेली मंडी में 250 ,नारनौल मंडी में 87 और नांगल चौधरी मंडी में 103 गेटपास जारी किए गए और अटेली मंडी में 5613.10 क्विंटल, नारनौल मंडी में 1927.6 क्विंटल और नांगल चौधरी मंडी में 2422 क्विंटल सरसों की आवक हुई। वहीं अटेली मंडी में 3500 क्विंटल, नारनौल मंडी में 1528 क्विंटल और नांगल चौधरी मंडी में 1880 क्विंटल सरसों की खरीद की गई और अटेली मंडी में 900 क्विंटल , नारनौल मंडी में 1875 क्विंटल और नांगल चौधरी मंडी में 580 क्विंटल सरसों का उठाना किया गया। मंडी अटेली में अब तक सबसे ज्यादा 14262.1 क्विंटल सरसों की आवक हुई और 12579.1 क्विंटल सरसों की खरीद व 7015.5 क्विंटल सरसों का उठान किया गया है।
आज से शुरू होगी गेंहू की खरीद
जिले की सभी मंडियों में सरसों की खरीद गत 15 मार्च से शुरू की गई थी और 1 अप्रैल से गेंहू की की खरीद शुरू की जाएगी। गेंहू के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये निर्धारित किया गया है। हालांकि सरकारी भाव की तुलना में गेंहू का बाजार भाव 100 से 200 रुपये ज्यादा है। जिस कारण गेंहू को सरकारी भाव पर बेचने के लिए किसानों में ज्यादा उत्साह नहीं है। वहीं जिले में केवल 13 प्रतिशत क्षेत्र में गेंहू की और 80 प्रतिशत क्षेत्र में सरसों की फसल उगाई गई है। गेंहू की फसल करीब 44817 एकड़ और सरसों की फसल करीब ढाई लाख एकड़ क्षेत्र में उगाई गई है।