नाबालिग का अपहरण व दुष्कर्म करने के मामले में दोषी व उसकी सहायता करने वाले आरोपी को 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा के साथ जुर्माना लगाया गया है। नाबालिग पीड़िता के परिजनों के बयान पर थाना अटेली में मामला दर्ज किया गया था।
नाबालिग पीड़िता का अपहरण करने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में केपी सिंह स्पेशल कोर्ट/अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट, पॉक्सो नारनौल की कोर्ट ने आरोपी प्रमोद को दोषी करार देते हुए धारा 4 पॉक्सो एक्ट के तहत 10 साल कठोर कारावास, धारा 366ए आईपीसी के तहत 10 साल कठोर कारावास, धारा 363 आईपीसी के तहत 7 साल कठोर कारावास और धारा 120बी के तहत 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 1 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
न्यायालय ने दोषी प्रमोद की सहायता करने वाले आरोपी सुरेंद्र को भी दोषी करार देते हुए धारा 17 पॉक्सो एक्ट के तहत 10 साल कठोर कारावास, धारा 366ए आईपीसी के तहत 10 साल कठोर कारावास, धारा 363 आईपीसी के तहत 7 साल कठोर कारावास और धारा 120बी के तहत 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 1 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने डीएलएसए को पीड़ित के परिवार को 4 लाख की सहायता राशि प्रदान करने के आदेश दिए हैं। नाबालिग पीड़िता के परिजनों के बयान पर थाना अटेली में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद नाबालिग पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान करवाए गए थे। इसके बाद आरोपियों को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय के सामने पेश किया गया था। मामले की सुनवाई केपी सिंह स्पेशल कोर्ट/अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट, पॉक्सो नारनौल की कोर्ट में हुई।