फोटो संख्या:57- खिलाड़ी नाम्या सैनी--संवाद
महेंद्रगढ़। मोहल्ला सैनीपुरा निवासी नाम्या सैनी ने महज दस वर्ष की उम्र में ही कराटे में राष्ट्रीय स्तर पर जिले को पहचान दिलाई है। नाम्या सैनी कराटे व मार्शल आर्ट की राष्ट्रीय स्तर पर हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं में दस पदक जीत चुकी है।
शहर के एक निजी स्कूल में छठवीं कक्षा पढ़ने वाली नाम्या पढ़ाई में भी अव्वल है। प्रतिदिन चार घंटे अभ्यास कर लगातार प्रतिभा को निखार रही है। नाम्या का सपना है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन करे। नाम्या के पिता डॉ. अभिषेक सैनी व माता डॉ. चेतना सैनी ने बताया कि नाम्या महज पांच वर्ष की आयु में ही कराटे का अभ्यास करने लगी थी। अभ्यास के लिए प्रतिदिन सुबह पांच बजे से सात बजे तक नियमित अकादमी में अभ्यास करती है। पढ़ाई में भी कक्षा में अव्वल आती है। बेटी का सपना है कि वह देश के लिए खेले तथा अपने जिले का नाम रोशन करे।
गौतमबुद्ध कराटे और मार्शल आर्ट अकादमी के संचालक कोच लोकेश सैनी ने बताया कि नाम्या पांच साल से अभ्यास कर रही है। देशभर में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। नाम्या कभी भी कोई प्रतियोगिता नहीं हारी है। एक दिन प्रदेश का नाम रोशन करेगी।
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नाम्या सैनी की उपलब्धियों पर एक नजर
14 अप्रैल 2024 को हिसार में राष्ट्रीय ओपन कराटे प्रतियोगिता में नाम्या सैनी ने पहला स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद 28 अप्रैल 2024 में मानेसर में राष्ट्रीय ओकीनावा ओपन स्टेट कराटे प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर प्रतिभा दिखाई। कुरुक्षेत्र में वर्ष 2024 के सितंबर में आयोजित प्रतियोगिता में नाम्या ने प्रोफेशनल कराटे लीग में रजत पदक प्राप्त किया। राष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर के इनडोर स्टेडियम में रजत पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया था। 2024 में ही अक्तूबर में कश्मीर स्टेडियम में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर उभरती प्रतिभा ने जिले का परचम लहरा दिया। इसके अलावा जिला एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 10 से अधिक पदक जीतकर विभिन्न प्रतियोगिता में पहनी पहचान बनाई।
फोटो संख्या:57- खिलाड़ी नाम्या सैनी--संवाद