नारनौल। जिले के शिक्षकों ने नई पेंशन योजना के खिलाफ रोष प्रकट किया। उन्होंने काला दिवस मनाया।
एचपीटीए जिला प्रधान कृष्ण कुमार नंगली ने बताया कि अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षक भवन दिल्ली में पांच जनवरी को यह निर्णय लिया था। इसके तहत जिला महेंद्रगढ़ के सभी शिक्षकों ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर शैक्षणिक कार्य किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने पुरानी पेंशन योजना के स्थान पर पहले नई पेंशन योजना लागू की, जिसका विरोध कर्मचारियों द्वारा किया गया।
अभी कुछ समय पहले ही सरकार ने विरोध से बचने के लिए नए नाम से यूनिफाइड पेंशन योजना को आरंभ किया, लेकिन कर्मचारी इस योजना के भी विरोध में खड़े हैं।
जिला प्रधान ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की सेवा को मजाक बनाते हुए उनको सही पेंशन से वंचित कर दिया है जबकि एक ही व्यक्ति चाहे वह कितनी भी बार सांसद/विधायक बने, उसे अलग-अलग पेंशन देने का प्रावधान है।
इसी विरोध के चलते जिला महेंद्रगढ़ के सभी शिक्षकों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर शैक्षणिक कार्य करते हुए एनपीएस व यूपीएस पर रोष प्रकट किया।
जिला प्रेस सचिव वेद प्रकाश ने बताया कि 29 जनवरी को हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन की एक बैठक जिला राज्य उपाध्यक्ष सुबे सिंह व जिला प्रधान कृष्ण नंगली की अध्यक्षता में हुई थी, जिसके बाद एक फरवरी को जिला महेंद्रगढ़ के प्रत्येक स्कूल के शिक्षकों द्वारा काला दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।
इसमें न केवल प्राथमिक शिक्षक बल्कि मास्टर व प्रवक्ता वर्ग के शिक्षक भी शामिल रहे । प्रेस सचिव ने बताया कि हर विभाग का कर्मचारी आज पुरानी पेंशन योजना की बहाली चाहता है। प्रेस प्रवक्ता ने बताया कि पुरानी पेंशन बहाली की मुहिम को मजबूत करने के लिए पूरे देश में काला दिवस मनाया गया।