सीबीएसई 12वीं और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के परीक्षा परिणाम निकल चुके हैं। बच्चे अब एडमिशन की तैयारी में लगे हैं लेकिन कॉलेजों का बुरा हाल है। जिले के कॉलेजों में स्वीकृत आधे से अधिक पद खाली पड़े हैं। अब सवाल है कि शिक्षा मंत्री के गृह जिले में मौजूद कॉलेजों में आने वाले बच्चों को कौन पढ़ाएगा। कॉलेजों में खाली पदों का सबसे ज्यादा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और मौजूदा स्टाफ पर पढ़ रहा है। बच्चे जहां जैसे-तैसे अपना कोर्स पूरा कर रहे हैं वहीं मौजूदा स्टाफ भी अतिरिक्त कार्य के दबाव से परेशान हैं। वर्तमान में पीजी कॉलेज नारनौल, महिला महाविद्यालय नारनौल, बैजनाथ चौधरी गर्ल्स कॉलेज, नांगल चौधरी कॉलेज के अलावा राजकीय पीजी कॉलेज अटेली शामिल है। सबसे बुरा हाल पीजी कॉलेज नारनौल का है। यहां कुल स्वीकृत 111 पदों में से 88 रिक्त हैं। केवल 23 पदों के भरोसे ही कॉलेज चल रहा है। इसी तरह अन्य कॉलेजों का भी हाल बेहाल है। जून में कॉलेजों में दाखिले शुरू हो जाएंगे और जुलाई से कक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी। कम प्राध्यापक होने के कारण कालेज प्राचार्यों को चिंता सता रही है कि वे बच्चों को पढ़ाने के लिए कहां से प्राध्यापक लाएं।
यह है कॉलेजों की स्थिति
महिला महाविद्यालय नारनौल
सन 1988 में स्थापित राजकीय महिला महाविद्यालय में स्वीकृत पदों में आधे से भी अधिक पद रिक्त पड़े हैं, इन पर कोई भी गौर करने वाला नहीं है। महिला महाविद्यालय में शिक्षा निदेशालय द्वारा 53 पद स्वीकृत किए थे, लेकिन केवल 18 पदों पर ही प्राध्यापकों की उपस्थिति दर्ज हो पायी है बाकी के 35 रिक्त पदों पर अभी तक कोई भी प्राध्यापक इन पर चयनित नहीं हो पाया है। महाविद्यालय में विभिन्न संकाय की विभिन्न विषयों पर इस सत्र में कुल 3521 छात्राएं हैं। महाविद्यालय में फिजिक्स, केमिस्ट्री और ज्यूलोजी में तो प्राध्यापक डेपुटेशन पर रखे जाते हैं।