नारनौल। राजकीय महाविद्यालय नारनौल में छात्राओं के लिए 10 दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया। प्राचार्या डॉ. पूर्ण प्रभा ने अध्यक्षता की।
प्राचार्या ने कहा कि प्रशिक्षण छात्राओं को आत्मविश्वास प्रदान करेगा। वे किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहेंगी। महिला प्रकोष्ठ अधिकारी एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. पलक ने बताया कि दस दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर में महाविद्यालय की लगभग 150 छात्राओं ने भाग लिया। कोच मनोहर लाल ने आत्मरक्षा के विभिन्न तरीके सिखाए। जिनमें ताइक्वांडो का कौशल एवं स्थिति को संभालने के उपाय शामिल थे।
डॉ. कविता ने बताया कि छात्राओं के लिए सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग का महत्व अत्यधिक है क्योंकि यह उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। डॉ. गीता एवं डॉ. मनप्रीत ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर सभी को धन्यवाद अर्पित किया। कार्यशाला के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली दस छात्राओं को प्राचार्या डॉ. पूर्ण प्रभा ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यशाला को सफल बनाने में महिला प्रकोष्ठ सदस्या डॉ. कीर्ति, डॉ. सोमलता, डॉ. सुमन, डॉ. गीता, डॉ. कविता, डॉ. मनप्रीत का विशेष योगदान रहा।