फोटो संख्या:51- गांव सुरजनवास में हवन करते आर्य समाज के लोग-स्रोत- आयोजक
महेंद्रगढ़। आर्य समाज सुरजनवास का दो दिवसीय शहीदी उत्सव का हुआ समापन। कार्यक्रम में गुरुकुल खानपुर से पधारे आचार्य डॉ. प्रदुमन ने बताया कि हम अपने जीवन में सुख कैसे प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जीवन को सरल ढंग से जीने के अनोखे उपाय बताए।
रुड़की से आईं सुकमा आर्या बताया कि एक मां अपने बच्चों को संस्कार देकर जैसा चाहे वैसा बान सकती है। शहीद कमल सिंह, शहीद मुख्तार सिंह, शहीद उमराव सिंह इनकी मां ने ही इनको राष्ट्रीयता का राष्ट्रीयता का पाठ पढ़ाया। इसके कारण इन्होंने देश की सीमाओं पर सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की बाजी लगा दी। उत्तर प्रदेश से पधारे योगेश दत्त आर्य ने गीतों के माध्यम से देशभक्ति से ओतप्रोत साहित्य की बातें ग्रामवासियों के सामने राखी। दिल्ली से पहुंची अमृता ने देश भक्ति व महिला सशक्तिकरण के बारे में विस्तार से बताया। आर्य समाज के प्रधान सतवीर ने गांव से बाहर से आए हुए सभी आर्यजनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में दूर दराज से अनेक गांवों के आर्यजनों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बाबूलाल आर्य, नफे सिंह, अनिल आर्य, रजनीश कुमार, सहीराम पटवारी, डॉ. नितीश आर्या, काजल, सुनील देवी, सुनीता देवी, इंदिरा, वीरेंद्र, राजपाल जेई, डॉ. विजेंद्र यादव मौजूद रहे।