विभिन्न मांगों को लेकर शुरू हुई एनएचएम कर्मियों की हड़ताल का असर एंबुलेंस सेवाओं पर देखने को मिला। रेगुलर स्टाफ के काम करने से एंबुलेंस सेवाओं के अलावा अस्पताल में अन्य सेवाएं रोजाना की तरह चलती रहीं। एंबुलेंस सेवाओं पर असर पड़ने से सबसे ज्यादा परेशानी डिलवरी के लिए आई महिलाओं और उनके परिजनों को हुई। बुधवार को 16 डिलवरी केसों को डिस्चार्ज किया गया।
सब निजी वाहनों से गए। शाम पांच बजे तक एंबुलेंस नहीं आने के कारण तीन महिलाएं निजी वाहनों से अस्पताल आईं। एनएचएम कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर अपनी मुख्य मांगों को लेकर जिला महेंद्रगढ़ के सभी एनएचएम कर्मचारियों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की।
हड़ताल के दौरान जिले के सभी एनएचएम कर्मचारियों ने नागरिक अस्पताल में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। हड़ताल पर कर्मियों के जाने से सबसे ज्यादा प्रभाव एंबुलेंस सेवाओं पर पड़ा। सुबह 11 बजे के बाद एंबुलेंस सेवा में लगे सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इस कारण 11 बजे से शाम पांच बजे तक 16 डिस्चार्ज हुईं महिलाओं के अलावा तीन अस्पताल में भर्ती होने आई महिलाओं ने निजी वाहनों और एंबुलेंस की मदद ली।
रेगुलर स्टाफ ने किया काम, नहीं हुई परेशानी
हड़ताल के कारण रेगुलर कर्मचारियों ने पूरा सहयोग दिया। इस कारण कामकाज ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ। नियमित के अलावा अन्य सोर्सिस जैसे मुख्यमंत्री योजना आदि के तहत लगे कर्मचारियों ने भी पूरा दिन काम किया। अस्पताल के अंदर हड़ताल का ज्यादा असर नहीं दिखाई दिया। रेगुलर लगी स्टाफ नर्स के अलावा नियमित एलटी ने भी काम किया।
ये तीन महिलाएं आई निजी वाहनों से
प्रसूति के लिए छोटा माजरा निवासी प्रियंका पत्नी अनूज, नांगल सोडा निवासी ममता पत्नी देशराज व कटकई निवासी निशा पत्नी गिरीराज निजी वाहनों से आई।
ये रहे हड़ताल पर
हड़ताल में एनएचएम के तहत जिले में कार्यरत एएनएम, स्टाफ नर्स, कंप्यूटर सहायक, सूचना सहायक, लेखा सहायक, ओषधीकारक, प्रयोगशाला तकनीशियन, ईएमटी, काउंसलर, चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला लेखा प्रबंधक, जिला जांच एवं मूल्यांकन अधिकारी, डाटा मैनेजर, ड्राइवर और एसटीएलएस आदि कर्मचारी शामिल थे।
इन्होंने किया संबोधित
धरने का संचालन जिला सचिव कृष्ण कुमार ने किया। जिला प्रधान हरकेश ने बताया कि सरकार के साथ बार-बार पत्राचार के माध्यम से मांगों बारे समय नहीं देने के कारण एनएचएम कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए विवश होना पड़ा। इसके बावजूद भी प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज द्वारा बातचीत के माध्यम से बीच का रास्ता निकालने की बजाय एसोसिएशन के राज्य प्रधान व महासचिव सहित छह पदाधिकारियों की सेवाएं बर्खास्त कर दी गई है, जोकि लोकतांत्रिक राज्य में नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर हमला है।
इस दौरान जिला उप प्रधान डॉ. पुष्पेंद्र, कृष्णा कुमारी, सरजीत, रवींद्र कुमार, मनोज अशोक कुमार, दिलबाग सिंह, सुभाष यादव, मधूसुदन ने भी धरने को संबोधित किया।
इन सेवाओं पर पड़ा असर
हड़ताल के दौरान एंबुलेंस, प्रसूति वार्ड, लैब, एसएनसीयू आदि पूर्ण रूप से बंद रही।
इन कर्मचारियों ने रखा कर्मिक अनशन
एनएचएम के नेताओं की बर्खास्तगी के विरोध में नीरज कुमार, दिलबाग सिंह, जितेंद्र कुमार, भूपेंद्र सिंह तथा फूलचंद ने बुधवार सायं तक क्रमिक अनशन पर रहे।
एसकेएस ने भी दिया समर्थन
हड़ताल के दौरान सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान धर्मेंद्र यादव और महेंद्र बोयत ने धरना स्थल पर पहुंचकर एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। वहीं एनएचएम के राज्य स्तरीय नेताओं की बर्खास्तगी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सरकार से अपना हठ कर्मी रवैया छोड़कर बर्खास्त कर्मचारियों को बहाल करने व एनएचएम कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त धरने को एमपीएचई एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मबीर यादव, रण सिंह मालरा, सेवानिवृत कर्मचारी संघ के घनश्याम, रोडवेज कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान राजपाल यादव आदि ने भी संबोधित किया।