मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर बुधवार को शहर में देखने का मिला। गलियां, मोहल्ले, कालोनियां और बाजारों में जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आए। बुधवार से नगर पालिका सफाई कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल के कारण लोगों को भारी परेशानी हुई।
सफाई न होने के कारण कचरा यहां-वहां बिखरता भी दिखाई दिया। पूरे बाजार में कचरा ही कचरा दिखाई दे रहा था। नारनौल शहर में 196 में से 150 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कई कर्मचारी लंबी लीव पर भी चल रहे हैं।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर पालिका कर्मचारी संघ नारनौल ने बुुधवार से अपनी मुख्य मांगों को लेकर काम छोड़ हड़ताल शुरू की।
इससे शहर में सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। शहर में हर जगह गंदगी के ढेर दिखाई दिए। कूड़ा का उठान न होने के कारण बाजारों में गंदगी के ढेर दुकानों के सामने पड़े रहे। वहीं लोगों के आवागमन से ये यहां-वहां बिखर गए। इससे दुकानदारों के अलावा बाजार में दीपावली की खरीदारी करने आए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। व्यापारियों व लोगों ने बताया कि कर्मचारियों को इस त्यौहार के सीजन में हड़ताल पर नहीं जाना चाहिए था।
ये कर्मचारी रहे हड़ताल पर
आउट सोर्सिंग पालिसी के तहत कुल 127 कर्मी लगे हैं, जिनमें से 84 हड़ताल पर रहे। वहीं 54 रेगुलर कर्मियों में से 51 हड़ताल पर रहे। इसके अलावा ठेके पर लगे 16 कर्मियों में से 16 ही हड़ताल पर रहे।
ट्रैक्टर ड्राइवर आए, मगर नहीं हुआ बाजारों से कूड़े का उठान
बाजारों से बुधवार को कूड़े करकट का उठान नहीं हुआ। हालांकि उठान के लिए कार्यरत 16 ट्रैक्टर व उठान गाडिय़ों के ड्राइवर काम पर आए, मगर उठाने के लिए सफाई कर्मी न होने से कूड़ा बाजारों में सुबह से शाम तक यूं ही पड़ा रहा।
धरना देकर जताया रोष
नपा कर्मचारियों ने नप गेट पर धरना दिया तथा रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान संघ के प्रधान निरंजन लाल पिंघाल ने कहा कि आज सरकार नगर पालिका के कर्मचारी नित्य सुबह अपने बाल-बच्चों को छोड़कर शहर को स्वच्छ, साफ-सुथरा करने के लिए निकल पड़ते हैं, लेकिन प्रदेश सरकार सफाई कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करके उनका शोषण करने पर आमादा हो रही है। नगर पालिका कर्मचारी संघ के हरियाणा कोषाध्यक्ष महेंद्र संगेलिया ने कहा कि सरकार से बातचीत होने के बावजूद भी स्थानीय निकाय मंत्री सफाई कर्मचारियों की मांगें मानने के लिए गंभीर नहीं हैं। जिला प्रधान पूर्णचंद जैदिया ने कहा कि आज यहां कर्मचारियों को स्थानीय मांगों के लिए नगर परिषद के अधिकारियों से लड़ना पड़ता है। इन मांगों को लेकर वे बार-बार मांग पत्र द्वारा अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं लेकिन फिर भी उन मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा। इस मौके पर सुरेश कुमार, राजेंद्र कुमार जैदिया, जगदीश, शंकर लाल, प्रदीप कुमार, संतोष देवी, बिमला देवी एवं पूर्णचंद सहित अनेक सफाई कर्मचारी मौजूद थे।
''दीपावली पर नप कर्मचारियों को हड़ताल नहीं करनी चाहिए थी। इस त्यौहार पर भी शहर में गंदगी का आलम रहा। दुकानों के आगे से कूड़ा नहीं उठाया गया। इससे काफी परेशानी हुई।---बबलू सैनी, व्यापारी
''नप प्रशासन को हड़ताल का पहले से ही पता था। हड़ताल में लोगों को परेशानी न हो इसके लिए पहले से कोई इंतजाम रखना चाहिए था। बुधवार को उठान न होने से कूड़ा बाजार में सड़ता रहा। इससे दुकानदारी भी प्रभावित हुई।---संजय कुमार, व्यापारी
''बुधवार को बाजारों व गलियों में कूड़े के ढेर ही ढेर नजर आए। हड़ताल के कारण पूरा शहर गंदा दिखाई दिया। इससे लोगों को परेशानी हुई।--संजीव शर्मा
''नप के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पूरे शहर में साफ-सफाई नहीं हो पाई। जिसके कारण शहर वासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं कूड़े में आवारा पशु भी मुंह मारते रहे।---शशि कुमार
''कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण सफाई व्यवस्था थोड़ा चरमराई, मगर अनेक जगह कूड़े को उठा लिया गया था तथा सफाई कर दी गई थी।---मोहन भारद्वाज, मुख्य सफाई निरीक्षक