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स्ट्रीट लाइटों के अभाव में शहर में छाया रहता है अंधेरा

Sat, 23 Jul 2016 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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street light
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महेंद्रगढ़।  नगरपालिका द्वारा स्ट्रीट लाइटों पर लाखों रुपये खर्च किए जाने पर भी शहर  में  अधेंरे में डुबा हुआ है। शहर के बाजार अंधेरा होते ही सुनसान हो जाते  हैं,  गलियों सुनी हो जाती हैं। यानी पूरा शहर रात्रि को अंधेरे में डूब  जाते हैं। बारिश के कारण जगह-जगह बाजार में पानी भरा है और सड़कें टूटी हुई  हैं जिससे रात्रि को ट्रेन से आने वाले यात्रियों का पांव  कभी गड्ढ़े  में जाता है  तो कभी पानी में। कई बार तो गिरकर घायल हो जाते हैं।  जी हां  ऐसे ही कुछ  हालात महेंद्रगढ़ नगरी के हैं। इस नगरी की बहुत सी स्ट्रीट  लाइटें खराब  पड़ी हैं लेकिन उनको सुधारे वाला कोई नहीं हैं। लाइटों पर   नगरपालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, मैंटिनेंस एवं रिपेयर के  टेंडर भी किए जाते हैँ उसके बाद भी लाइटें खराब पड़ी हैं। शहर का ऐसा  कोई  बाजार अछुता नहीं जहां पर  लाइटें खराब न हो। शहर में सोडियम लाइटों सहित   1863 प्वाइंट हैँ जिनमें से बहुत से प्वाइंट खराब पड़े हैं। रात्रि को  स्ट्रीट लाइटें न जलने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी उठानी  पड़ती है।  सबसे अधिक परेशानी सुबह सब्जीमंडी जाने वालों को एवं दैनिक रेलयात्रियों  को उठानी  पड़ती है।
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इन स्थानों पर है स्ट्रीट लाइटें बंद:
शहर  के 11 हट्टा बाजार, मसानी चौक, गऊशाला रोड, कनीना-महेंद्रगढ़ रोड,ओवर  ब्रिज, तुलाराम चौक से ब्रहमदेव चौक तक, सिनेमा रोड, रेलवे रोड, शंकर  मार्केट सहित अन्य गली मोहल्लों की स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। इन  स्थानों पर कुछेक लाइटें तो जलती लेकिन अधिकतम बंद पड़ी हैं। शहर में छह  स्थानों पर हाई मास्क लाइटें लगाई गई हैं । एक पोल पर 5 या 6 लाइटें लगी  हुई हैं जिनमें से दो लाइटें बड़ी मुश्किल से जलती हैं। बाकी सभी बंद रहती  हैं। ये लाइटें सैनीपुरा, मसानी चौक, अनाज मंडी, सब्जीमंडी, तुलाराम चौक,   हुड्डा पार्क, अंग्रसेन चौक आदि स्थानों पर लगी हुई हैं।
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तीन वर्ष पहले 50 लाख रुयये से अधिक खरीदी थी लाइटें:
लोगों  का कहना है कि तीन वर्ष पूर्व नगरपालिका ने 50 लाख रुपये से अधिक की  लाइटें  खरीदी थी। नपा का मुख्य उद्देश्य रात्रि के समय शहर शहर से जगमग हो  तथा सुंदर शहर दिखाई दे तथा लोगों को रात्रि के समय किसी भी प्रकार की  परेशानी न हो एवं सुरक्षा की दृष्टि से भी  उपयोगी हो।  उस समय नपा ने 50  लाख रुपये से अधिक लाइटों की खरीद की थी जिनमें  माजरा चुंगी से कैंची मोड़  तक पोल सहित लगभग 227 सोडियम लाइटें लगवाई गई थीं। उस समय नपा को  पोल  सहित सोडियम लाइट 22 हजार रुपये की पड़ी थी। इसके अलावा बिना पोल की सोडियम  लाइटें, ट्यूब्लाइट आदि भी खरीदी गई थीं। वर्तमान में हालत ये हैं कि  स्ट्रीट लाइटें शो पीस बनकर रह गई हैं। इतना रुपये खर्च होने के बाद भी  महेंद्रगढ़ नगरी अंधेरे में हैं।
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सैनीपुरा से कैंची मोड़ तक है ये हालात:
सैनीपुरा  से कैंची मोड तक नगरपालिका ने तीन वर्ष पूर्व सोडियम लाइटें लगवाई थीं।  लाइटें लगने के बाद मात्र एक या दो महीने मुश्किल से जली थीं उसके बाद से  लाइटें बंद हैं। लाखों रुपये लाइटें पर खर्च होने के बाद लोगों को अंधेरे  में से गुजरना पड़ता है। राज गार्डन मैरिज पैलेस के सामने तक बरसाती पानी  सड़क पर लबालब भरा हुआ है। रात्रि को निकलने वाले राहगीरों को भारी परेशानी  उठानी पड़ती हैं। कई बार पैदल जाने वाले अंजान व्यक्ति पानी में ही गिर  जाते हैं। विभाग को कई बार अवगत करवाए जाने के बाद भी  इन लाइटों को ठीक  नहीं करवाया जा रहा।   
ये हैं स्ट्रीट लाइटों के प्वाइंट:
लाइटें                                                    संख्या
ट्यूबलाइट 4 फिट                                      963
ट्यूबलाइट 2 फिट                                      148
सोडियम लाइट सैट 150 वॉट                           65
सोडियम लाइट सैट 250 वॉट                          342
सोडियम लाइट सैट 400 वॉट                            60
सीएफएल 2 गुणा 36 वाट                                53
सीएफएल 36 वॉट                                      172
सीएफएल 20 वॉट                                        60
कुल प्वाइंट                                             1863

क्या कहते हैं लोग:
अमित  भार्गव ने बताया कि राज गार्डन मैरिज पैलेस के पास सोडियम लाइटें कई दिनों  से बंद हैं। कैंची मोड़ तक कोई भी लाइट नहीं जलती। मैरिज पैलेस के पास  पानी भरा होने के कारण  रात्रि के समय आए दिन कोई न कोई उसमें  गिरकर घायल  हो जाता है।
राजेश शर्मा ने बताया कि रात्रि के समय शहर की  सुंदरता लाइटों से ही होती है। शहर में रात्रि के समय स्ट्रीट लाइटें अवश्य  होनी डचाहिए ताकि रात्रि के समय राहगीरों को परेशानी न हो।
भारत  किशोर ने बताया कि शहर में स्ट्रीट लाइटें काफी दिनों से बंद पड़ी है  सुरक्षा की दृष्टि से लाइटें बहुत उपयोगी होती हैं तो इसलिए नगरपालिका को  खराब होजते ही तुरंत उन्हें ठीक करवाना चाहिए।
कमल तिवाड़ी ने  बताया कि इस समय बारिश का मौसम चल रहा है और जगह-जगह पानी भर रहता। सड़कें  टूटी हुई हैं। रात्रि के समय लोगों को स्ट्रीट लाइट के अभाव में काफी  परेशानी होती है। खासतौर पर दैनिक रेलयात्री को जो सुबह और रात्रि को  आवागमन करते हैं।

इस  संदर्भ में नगरपालिका सचिव राजाराम ने बताया कि शहर की मुश्किल से 20  प्रतिशत लाइटें खराब पड़ी हैं। लाइटों की रिपेयर और मेंटीनेंस का टेंडर कर  दिया है जल्द ही शहर की सभी लाइटें ठीक करवा दी जाएंगी।
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