नारनौल। शहर के समीपवर्ती गांव जोरासी धाम श्याम मंदिर में रविवार रात श्री श्याम मस्ताने परिवार द्वारा आयोजित श्याम महोत्सव में विख्यात कथावाचक और भजन गायिका जया किशोरी पहुंचीं।
इस श्याम महोत्सव को लेकर नारनौल से पांच किलोमीटर दूर स्थित जोरासी धाम श्याम मंदिर तक रंग-बिरंगी लाइट और तोरणद्वार लगाकर बड़े ही मनोहारी रूप से सजाया गया। श्याम महोत्सव में पहुंचीं भजन गायिका जया किशोरी ने अपने प्रवचन के माध्यम से कहा कि भगवान कृष्ण ने अपने अवतार के दौरान जिस समय जैसी आवश्यकता महसूस हुई, वैसा ही रूप धारण कर भक्तों की रक्षा की।
उन्होंने कहा कि भगवान भाव के भूखे हैं, जो भाव से भजे उसी का बेड़ा पार है। इसके बाद उन्होंने अपने भजन मेरे उठे विरह की प्रीत सखी वृंदावन जाऊंगी, काली कमली वाला मेरा यार है, मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे राम आएंगे और मीठे रस से भरो री राधा रानी लागे म्हाने खारो-खारो जमाना जी काे पानी लागे भजन सुनाकर भक्तों को श्याम की भक्ति में ऐसा सराबोर कर दिया कि सभी झूम-झूम कर नाचने लगे। इसके बाद प्रसिद्ध गायक राज पारिक ने भी अपने भजनों के माध्यम से भक्तों का देर रात तक समां बांधे रखा। कार्यक्रम जोरासी धाम के पुजारी कमलकांत शर्मा के सानिध्य में हुआ, जिसमें आचार्य शशिकांत ने मंडल के सभी सदस्यों से पूजन करवा बाबा की ज्योति प्रज्ज्वलित करवाई।