फोटो संख्या:57- सतनाली में वन विभाग की गाड़ी के आगे पत्थर डालता ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक--स्रोत- वन
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महेंद्रगढ़। अवैध खनन और पेड़ों की कटाई को लेकर वन विभाग पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बुधवार सुबह करीब 4 बजे वन विभाग की टीम ने अवैध खनन कर लाए गए पत्थरों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका तो आरोपियों ने रास्ता रोकने के लिए टीम की गाड़ी के आगे ट्रॉली से पत्थर गिरा दिए। टीम के सदस्य बाल-बाल बच गए। आरोपी वाहन समेत भाग गए।
वन विभाग की टीम सतनाली नाके पर तैनात थी। टीम को अवैध खनन कर लाए गए पत्थरों से भरे ट्रैक्टर-ट्राॅली दिखाई दिए। टीम ने चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली को लेकर भाग गया। वन विभाग की ओर से सतनाली थाना प्रभारी को लिखित शिकायत भी दी गई। वन राजिक अधिकारी चंद्रगुप्त ने बताया कि जब टीम ने पीछा किया तो सतनाली की तंग गलियों में चालक ट्रैक्टर-ट्राॅली ले गया। टीम काफी देर तक पीछा करती रही।
जब वन विभाग की गाड़ी ट्रैक्टर चालक को पकड़ने के लिए एकदम पीछे आ गई तो बिना रुके ट्रैक्टर चालक ने टीम का रास्ता रोकने के लिए पत्थरों को गिरा दिया। वन विभाग की गाड़ी के चालक ने अचानक ब्रेक लगाए, नहीं तो सारे पत्थर गाड़ी के ऊपर ही गिर पड़ते। टीम के सदस्य बाल-बाल बच गए। टीम में परमजीत व संदीप वन दरोगा, संजीव व नरेंद्र वनरक्षक व गाड़ी चालक धर्मेंद्र थे। राजस्थान की सीमा के साथ लगते भिवानी जिले के गांव सोहासड़ा की गलियों में ट्रैक्टर-ट्राॅली को घुसा दिया। आबादी होने के चलते वहां दुर्घटना की आशंका को देखते हुए टीम वापस आ गई। ट्रैक्टर चालक ट्राॅली सहित मौके से भाग गया। इससे पहले 9 फरवरी को भी वन विभाग की टीम पर हमला हुआ था, उस मामले में चार आरोपियों में अभी तक किसी की भी गिरफ्तार नहीं हो सकी। सतनाली थाना प्रभारी जगदीश चंद्र ने बताया कि वन विभाग के अधिकारी चंद्रगुप्त की शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।