नारनौल-महेंद्रगढ़-दादरी स्टेट हाईवे की बदहाली अब दूर होने की उम्मीद है। पीडब्ल्यूडी के चंडीगढ़ के अधिकारियों ने इस हाईवे के पेचवर्क के लिए आकलन सहित अन्य जानकारियां मांगी हैं। अगले सप्ताह तक हाईवे के लिए भेजे गए 4 करोड़ रुपये के पेचवर्क के प्रपोजल को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। पिछले करीब तीन साल से यह हाईवे बेहद जर्जर हालत में है। सड़क का निर्माण कराने के लिए कई बार प्रदर्शन भी हो चुका है। हाईवे की जर्जर हालत का मुद्दा फरवरी 2020 के विधानसभा सत्र में भी उठाया गया था।
दादरी से महेंद्रगढ़ होते हुए नारनौल तक के इस हाईवे को एनएचआई ने पांच साल 2015 से 2020 तक अपने पास रखा। एनएच 148 बी का दर्जा रहते समय पांच साल में इस सड़क को फोरलेन नहीं किया गया। फोरलेन तो दूर इस सड़क की अच्छी तरह से रिपेयरिंग तक नहीं की गई। जून 2020 में नेशनल हाईवे ने अधिसूचना जारी कर दादरी से नारनौल से तक की सड़क को स्टेट हाईवे कर दिया। जून महीने से यह रोड प्रदेश सरकार के पास है। नारनौल-महेंद्रगढ़-दादरी तक का हाईवे पिछले करीब तीन साल से जर्जर हालत में है। पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले सीएम मनोहरलाल की रथ यात्रा निकालते से समय नारनौल से महेंद्रगढ़ सतनाली चौक तक के गड्ढों को भरकर काम चलाऊ किया गया था। एक ही बरसात के बाद सभी गड्ढों से कंकरीट बाहर आ गया। भारी वाहनों के कारण हाईवे अब पूरी तरह से टूट चुका है। हाईवे जर्जर हालत में होने के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। हाईवे के निर्माण के लिए सतनाली चौक के दुकानदारों ने 15 अक्तूबर को विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें विधायक राव दान सिंह ने भी अपनी गाड़ी रोक कर समर्थन दिया था। 19 अक्तूबर को नांगल सिरोही के ग्रामीणों ने जाम लगाकर विरोध जताया था। जाम खुलवाने के लिए मौके पर पहुंचे पीडल्यूडी के एसडीओ सोमदत्त शर्मा ने ग्रामीणों को जल्द ही रोड की मुरम्मत कराने का भरोसा दिलाया था।
जर्जर नहीं जानलेवा हाईवे
नारनौल-महेंद्रगढ़-दादरी हाईवे जर्जर होने के कारण जानलेवा भी है। पिछले दिसंबर महीने से लेकर अब तक करीब 11 महीने में इस हाईवे पर 21 लोगों की जान जा चुकी है। करीब 30 से अधिक लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। सामाजिक संस्था श्री सुंडाराम ट्रस्ट ने विरोध स्वरूप हाईवे के किनारे जानलेवा सड़क लिखे हुए बड़े-बडे़ होर्डिंग्स लगवाए थे।
विधानसभा में उठाया था मुद्दा
हाईवे की जर्जर हालत का मुद्दा फरवरी 2020 में विधानसभा में भी गूंजा था। विधायक राव दान सिंह ने इस रोड को फोरलेन करने के तथा पेचवर्क के बारे में जवाब मांगा था। सीएम मनोहरलाल, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने एनएचएआई की ओर से जवाब आने के बाद इसे पीडब्ल्यूडी के माध्यम से फोरलेन कराने का भरोसा दिलाया था।
रिपेयरिंग के लिए चार करोड़ का आकलन मुख्यालय को भेजा था। सितंबर माह में 13.38 करोड़ रुपये आकलन दूसरा आकलन भेजा था। अधिकारियों ने 4 करोड़ वाले प्रपोजल की डिटेल दोबारा से मांगी है। जल्द ही इसकी मंजूरी का पत्र आने की उम्मीद है, जिसके बाद लोगों को राहत मिलेगी।
- सोमदत्त शर्मा, एसडीओ लोक निर्माण विभाग, महेंद्रगढ़।