महेंद्रगढ़। इस बार मौसम में हो रहे बदलावों के कारण किसानों की खेतों से मंडियों तक की राहें आसान नहीं हैं। पिछले एक सप्ताह में हुई 27 एमएम बारिश व बदलते मौसम ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। कभी धूप तो कभी हल्की बारिश से नमी बढ़ने से सरसों की फलियां फटने लगी हैं और बार-बार धूप व नमी से सरसों की गुणवत्ता भी प्रभावित होने की आशंका है।
सोमवार सुबह भी हल्की बूंदाबांदी ने सरसों में नमी की मात्रा बढ़ा दी है। वहीं मौसम विभाग की ओर से पांच दिनों तक मौसम में बदलाव व हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई जा रही है। पिछले शुक्रवार को मौसम में बदलाव शुरू हुआ था।
तेज हवा के साथ शुक्रवार व शनिवार को 27 एमएम बारिश हुई थी। इसके बाद रविवार को घना कोहरा छाया व सोमवार सुबह फिर से बूंदाबांदी हुई है। हालांकि सुबह नौ बजे के बाद तेज धूप खिलने से राहत मिली।
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सरसों में अधिक नुकसान की आशंका है। कभी नमी तो कभी धूप से फलियां भी फूटने लगी हैं और इनका दाना काला पड़ना शुरू हो गया है। काटी गई फसल के खलिहानों के नीचे नमी है और इनमें कालापन भी शुरू हो गया है। छह एकड़ में सरसों लगाई थी। गेहूं में भी बिछने से नुकसान की आशंका है।
-किसान योगेश, गांव माजरा खुर्द
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मैंने पांच एकड़ मे सरसों लगा रखी है और इसमें 25 हजार रुपये खर्चा आया था। अब बारिश से सरसों काली हो गई और फलियां खराब होने से लागत उभरने की भी उम्मीद टूट चुकी है। सरकार को किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
-किसान राजेश कुमार, गांव माजरा खुर्द
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फसलों में इस बार मौसम से काफी नुकसान है। आधी से अधिक फसल में गुणवत्ता प्रभावित हो चुकी है। हवा और बारिश से गिरकर गेहूं का पकाव प्रभावित हुआ है। कभी नमी और कभी धूप से सरसों की फलियां फूट रही हैं, एकत्रित करते समय झड़ेगी।
- किसान रतिराम, महेंद्रगढ़
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बार-बार नमी कभी धूप से पसार में सूखने के लिए छोड़ी गई सरसों की फलियां काली पड़नी शुरू हो गई हैं। खलिहानों में एक सप्ताह पूर्व लगाई गई सरसों नीचे से फफूंद से काली पड़ने लगी है। इसकी गुणवत्ता व तेल की मात्रा प्रभावित होने से भाव कम मिलेंगे।
-किसान गुलाब देवी, महेंद्रगढ़।
फोटो संख्या:60- रतिराम
फोटो संख्या:60- रतिराम
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