सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर के पास गिरोह अलग-अलग नंबरों से फोन करता था। वह अलग-अलग फोन पर व अकाउंट में पैसे डलवाते थे। इस गिरोह में और लोग भी शामिल होने का अंदेशा है।
केस एक
कनीना क्षेत्र के एक व्यक्ति के पास 19 जून को एक युवती की वीडियो काॅल आई। जैसे ही फोन उठाया तो एक लड़की नग्न अवस्था में अश्लील हरकत करती दिखाई दी। फोन थोड़ी देर बाद कट गया। पीड़ित ने नींद में होने के कारण उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। 20 जून को एक फोन आया, जिसमें वीडियो वायरल न करने के नाम पर रुपये मांगने शुरू कर दिए। उसकी नग्न फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने का भय दिखाकर उससे 2,73,000 रुपये बैंक खाते में डलवा लिए। इसके बाद भी मांग बढ़ती गई तो पुलिस के पास गुहार लगाई।
केस नंबर 2
महेंद्रगढ़ क्षेत्र के एक व्यक्ति के पास 29 फरवरी को एक वीडियो काॅल आई। इसमें दूसरी तरफ से नग्न अवस्था में एक लड़की थी जो गलत हरकत करने लगी। इसके बाद उसने फोन काट दिया। 1 मार्च को एक फोन आया, जिसने उस वीडियो को वायरल न करने के लिए रुपये की मांग की। पीड़ित ने डर के मारे 2,52,500 रुपये उनके खाते में जमा करवा दिए। इसके बाद भी उससे रुपये की डिमांड करने लगे। इसके बाद पुलिस के पास गुहार लगाई।
अगर हनीट्रैप जैसा मामला किसी के साथ भी होता है तो वह परिवार के सदस्यों के साथ बात जरूर साझा करे। इसके बाद भी मानसिक रूप से ज्यादा परेशान रहता है तो नजदीकी मनोचिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। अस्पताल में अब तक दो-तीन हनीट्रैप के मामले से परेशान व्यक्ति उपचार के लिए भी आ चुके हैं। -डॉ. अनिल यादव, मनोचिकित्सक, नागरिक अस्पताल नारनौल।