जिले की सभी अनाज मंडी में बाजरे की खरीद गत 1 अक्तूबर से की जा रही है। रविवार को अवकाश के बाद बाजरे की खरीद सोमवार को सुचारू रूप से की जाएगी। बाजरे की खरीद के लिए अंतिम तिथि 15 नवंबर निर्धारित की गई है। जिले में अब तक बाजरे की आवक, खरीद और उठान अटेली मंडी में सबसे ज्यादा रहा है। अटेली में वेयर हाउस और नारनौल व नांगल चौधरी में हैफेड की ओर से बाजरे की खरीद की जा रही है। जिले में अब तक फसल बेचने वाले किसानों को अब तक 251.84 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
पिछले एक महीने से चल रही बाजरे की खरीद के दौरान अटेली में अब तक 308797.8 क्विंटल, नारनौल में 158959.7 क्विंटल और नांगल चौधरी में 102927.4 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। अटेली में अब तक 306709.8 क्विंटल, नारनौल में 157201.7 क्विंटल और नांगल चौधरी में 102455 क्विंटल बाजरे की खरीद की जा चुकी है। वहीं अटेली में 290300.5 क्विंटल, नारनौल में 145945 क्विंटल और नांगल चौधरी में 93648.5 क्विंटल बाजरे की उठान की जा चुकी है।
बाजरे की खरीद के लिए सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य 2625 रुपये निर्धारित किया गया है। जिले में जिन किसानों ने बाजरे की फसल बेची है, उनमें से अधिकतर किसानों के खातों में फसल के रुपये डल चुके हैं। अटेली वेयर हाउस के प्रबंधक नवल कुमार ने बताया कि अटेली में पिछले एक महीने से जारी बाजरे की खरीद और उठान प्रक्रिया सुचारू रूप से की जा रही है ताकि किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। दिवाली पर्व पर अवकाश और श्रमिकों की कमी के कारण खरीद और उठान प्रक्रिया प्रभावित हुई है। सोमवार से बाजरे की खरीद और उठान सुचारू रूप से किया जाएगा। अभी तक प्राप्त निर्देशानुसार बाजरे की खरीद के लिए अंतिम तिथि 15 नवंबर निर्धारित की गई है।