महेंद्रगढ़। एक ओर जहां सरकार लगातार प्रदूषण को लेकर सख्त निर्देश जारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर महेंद्रगढ़ में अधिकारियों की नाक के नीचे पर्यावरण नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लघु सचिवालय परिसर में कचरे के ढेरों में आग लगाई जा रही है। साथ ही कचरे के ढेर यहां की सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। यह वही जगह है जहां एसडीएम से लेकर कई वरिष्ठ अधिकारी अपने दफ्तरों में बैठकर क्षेत्र में स्वच्छता का संदेश देते हैं लेकिन उन्हीं कार्यालयों के बाहर जले हुए पड़े कचरे के ढेर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। शौचालयों में बदहाली का आलम है।
महेंद्रगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पिछले एक सप्ताह से 200 से ऊपर बना हुआ है और शुक्रवार को यह 295 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है। शहर की हवा लगातार लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बनी हुई है।
सरकार की ओर से जहां प्रदूषण रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं वहीं सरकारी दफ्तरों में ही पर्यावरण संरक्षण के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
सफाई व्यवस्था भी बदहाल
लघु सचिवालय में विभिन्न विभागों के अधिकारी स्वयं कचरे के ढेर पर बैठकर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को सुधारने की योजनाएं बना रहे हैं। लघु सचिवालय के मुख्य द्वार के बाहर पिछले एक माह से लगा कचरे के ढेर जिम्मेदार अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रहे हैं। नागरिकों को स्वच्छता का संदेश देने के लिए इन्हीं कार्यालयों से योजनाएं बनती हैं। लघु सचिवालय में प्रतिदिन सफाई कर्मचारी कचरे के ढेरों में आग लगाकर शहर की हवा में जहर घोल रहे हैं। लघु सचिवालय में नियमित रूप से सफाई के अभाव में कचरे के ढेर लगे रहते हैं। वहीं शौचालयों में गंदगी का आलम है। छतों से प्लास्टर उखड़ा पड़ा है। अनेक कार्यालयों के नजदीक बने शौचालयों में कबाड़ भरा पड़ा है तो कहीं ताले लटके हैं।
20 से अधिक विभागों के चल रहे हैं कार्यालय
लघु सचिवालय में 20 से अधिक विभागों के कार्यालय चल रहे हैं। अधिकारी प्रतिदिन इन कचरे के ढेरों के नजदीक से गुजरते हैं। लघु सचिवालय के बीचोंबीच लगे वाटरकूलर के चारों और फैले कचरे पर किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं गया है। मुख्य द्वार के बाहर कचरे के जलाए गए ढेर के बाद शेष कचरा पिछले एक सप्ताह से पड़ा है। कार्यालयों में लगे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी अपने-अपने कार्यालयों से कचरा समेटकर खुले में फेंक देते हैं। लघु सचिवालय में महज दो डस्टबीन जिम्मेदारों की ओर से रखे गए हैं लेकिन इनमें कचरा डालने की बजाए खुले में ढेर लगा रहे हैं।
इस प्रकार की अभी तक कोई शिकायत उनके संज्ञान में नहीं आई है। किसी को भी ऐसी कोई चीज जलाने पर प्रतिबंध है जिससे धुआं बनता है। उपमंडल अधिकारी को आदेश दिए गए हैं अगर कोई इस प्रकार से कचरे को जला रहा है तो शीघ्र कार्रवाई अमल में लाएंगे।
- कैप्टन मनोज कुमार, उपायुक्त।
फोटो-61शहर स्थित लघु सचिवालय शौचालय में टूटा पड़ा बिजली बोर्ड। संवाद
फोटो-61शहर स्थित लघु सचिवालय शौचालय में टूटा पड़ा बिजली बोर्ड। संवाद
फोटो-61शहर स्थित लघु सचिवालय शौचालय में टूटा पड़ा बिजली बोर्ड। संवाद