जिला कारागार नसीबपुर में मंगलवार शाम आए विचाराधीन कैदी पर जेल में बंद एक कैदी ने किसी नुकीली वस्तु से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल विचाराधीन कैदी की गंभीर हालत के चलते प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए पीजीआई रोहतक रेफर किया गया है।
पुलिस ने इस संदर्भ में घायल युवक के बयान पर हमलावर कैदी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।गांव मेघनवास निवासी सोनू (21) को मंगलवार शाम करीब सवा पांच बजे पुलिस अदालत के निर्देश पर न्यायिक हिरासत में रखने के लिए जिला जेल नसीबपुर लेकर आई थी। विचाराधीन कैदी सोनू को हत्या के मामले में जेल में बंद अजीत सिंह (उत्तर प्रदेश) के साथ बैरक में रखा गया था।
बताया जाता है कि बैरक में करीब 10 मिनट तक सोनू व अजीत ने बैठकर आपस में बात किए। इसी बीच बातों-बातों में अजीत ने अचानक किसी नुकीली वस्तु से सोनू पर हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया। घायल का शोर सुन मौके पर पहुंचे सहायक जेल निरीक्षक सत्यनारायण ने अन्य पुलिस कर्मियों के सहयोग से उसे उपचार के लिए नारनौल के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मरहम पट्टी के बाद उसे आगामी इलाज के लिए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।
घायल सोनू व अजीत कुछ माह पूर्व जेल में एक साथ बंद थे। तब दोनों में गहरी दोस्ती थी। कुछ दिन बाद सोनू को जमानत पर रिहाई हो गई। पुलिस ने सोनू को दोबारा किसी मामले में गत देर शाम हिरासत में लेकर मंगलवार को अदालत में पेश किया था। अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा था। पुलिस उसे मंगलवार शाम जिला कारागार लेकर आई थी। जिला कारागार में सोनू को अजीत वाली बैरक में रखा गया था। बैरक में पहुंचने के करीब 10 मिनट पर अजीत ने जेल के लोहे के दरवाजे से सोनू पर हमला कर दिया। इस हमले में सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया। दिनेश यादव, जिला कारागार निरीक्षक, नारनौल