नारनौल। जिला पुलिस की दमदार पैरवी के परिणाम स्वरूप अमनदीप दीवान विशेष अदालत ने नाबालिग पीड़िता के साथ गलत काम करने की नियत से बहला फुसला कर ले जाने और जहरीला पदार्थ खिलाने के मामले में आरोपी को 10 साल के कारावास की सजा व 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर आरोपी को 10 महीने अतिरिक्त कारावास की सजा के आदेश अदालत ने किए है।
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि एसपी विक्रांत भूषण द्वारा जिला के सभी प्रबंधक थाना, चौकी इंचार्ज व अनुसंधानकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए हुए हैं कि महिला विरुद्ध अपराध व पॉक्सो एक्ट के तहत शिकायत का बिना किसी विलंब के शिकायत के आधार पर अभियोग अंकित करें, साथ ही महत्वपूर्ण साक्ष्य व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पुलिस कार्रवाई करते हुए न्यायालय में आरोपी को दंड व पीड़ित को न्याय दिलाने का कार्य करें। इसके चलते जिला पुलिस द्वारा की गई दमदार पैरवी पर नाबालिग पीड़िता के साथ गलत काम करने की नियत से बहला फुसला कर ले जाने और जहरीला पदार्थ खिलाने के मामले में आरोपी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमनदीप दीवान की विशेष अदालत ने मंगलवार को मामले फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार देते हुए आरोपी को 10 वर्ष कारावास की सजा व 75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि नहीं भरने पर आरोपी को 10 महीने अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी पड़ेगी। मामले के अनुसार कनीना थाने के अंतर्गत एक गांव में वर्ष 2017 में नाबालिग बच्ची के साथ गलत काम करने की नियत से बहला फुसला कर ले जाने और जहरीला पदार्थ खिलाने के मामले में नाबालिग के परिजनों ने थाना कनीना में एक शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें आरोपी द्वारा नाबालिग के साथ गलत काम करने की नियत से बहला फुसला कर ले जाने और जहरीला पदार्थ खिलाने के आरोप थे। जिसमें इलाज के दौरान नाबालिग की मृत्यु हो गई थी। इस संबंध में जिला पुलिस ने अविलंब अभियोग संबंधित धाराओं के तहत पंजीबद्ध किया था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले को बहुत ही संगीन माना और जांच इकाई की उत्कृष्ट पैरवी एवं प्रॉसीक्यूशन द्वारा पेश की गई मजबूत दलीलों से दोषी की सजा में कोई नरमी नहीं बरती।