कोरोना के कारण बंद किए गए स्कूल सरकार के आदेश के बाद वीरवार को दोबारा खुल रहे हैं। 40 दिन बाद प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय बच्चों के आने से गुलजार होंगे। स्कूल जाने को लेकर बच्चों में उत्साह पाया जा रहा है।
कोरोना काल में स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई पर काफी असर पड़ा है। लेकिन शिक्षा विभाग ने उनकी ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी हुई थी। सरकार के स्कूल खोलने के आदेश का परिजनों एवं शिक्षकों ने स्वागत किया है। क्योंकि अगले महीने से सभी कक्षाओं की वार्षिक परीक्षा होनी है। पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों का यही महीना बचा है। कोरोना का वैरिएंट पहले के मुकाबले काफी कमजोर रहा है और संक्रमित केस भी बहुत कम आ रहे हैं।
बता दें कि सरकार ने कक्षा दसवीं से बारहवीं तक के स्कूल पहले ही खोल चुकी है। वहीं कोरोना की हल्की पीक होने के बाद सरकार ने बच्चों के स्कूल खोलने पर विचार किया, जिस पर शिक्षामंत्री ने वीरवार से कक्षा एक से से 9वीं तक के भी स्कूल खोलने की अनुमति दे दी।
बच्चों की पढ़ाई कोरोना काल में बिल्कुल खराब हो गई। पीछे की सारी पढ़ाई बच्चे भूल गए, इसलिए सरकार को जल्द से जल्द बच्चों के स्कूल खोलने चाहिए। कोरोना एक सामान्य बीमारी बनकर गई है। इसके साथ ही लोगों को जीना पड़ेगा। फिर बच्चों का भविष्य खराब न किया जाए, क्योंकि बच्चों की परीक्षा का समय भी नजदीक है। जल्द स्कूल खोलकर बच्चों के बचे हुए पाठ्यक्रम की तैयारी करवानी चाहिए। -जगमाल चंदेला।
सरकार को कोरोना को हलके में नहीं लेना चाहिए। महामारी कब विकराल रूप धारण कर ले, इसलिए बच्चों के स्कूल खोलने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। बच्चों की पढ़ाई लगातार जारी रखें। बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल करना भी सरकार का काम है। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान भी रखना चाहिए। - हंसराज
बच्चों की पढ़ाई भी जरूरी है। बच्चे दिनभर शरारत करते रहते हैं। मार्च में बच्चों की परीक्षा होनी है। यही महीना पढ़ाई का बचा है। इसलिए सरकार ने स्कूल खोलने का निर्णय सही लिया है। अंजू देवी
कई दिन से स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हो रही थी। कई स्कूल संचालक ऑनलाइन क्लास का बहाना बनाकर परिजनों से पूरी फीस वसूल रहे हैं। लेकिन बच्चों की पढ़ाई न के बराबर हुई है। सरकार ने स्कूल खोलने का सही निर्णय लिया है। दुर्गा देवी।
सरकार का आदेश सही है। कई दिनों से स्कूल बंद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है। बच्चे घर पर रहकर पढ़ाई नहीं कर सकते। स्कूल में बच्चे शिक्षक से जो सवाल पूछ सकते हैं वो आनॅलाइन क्लास में पढ़ाई नहीं कर सकते। अशोक जोशी, शिक्षक।
बच्चें घर पर रहकर पढ़ाई नहीं कर सकते। आनॅलाइन कक्षा में बच्चे शिक्षक से सवाल पूछने में हिचकिचाते हैं, वही कक्षा में सवाल पूछने में हिचकिचाता नहीं होती और स्कूल में समय पर वर्क होम बच्चे करते रहते हैं। इसलिए बच्चों का स्कूल खोलने का निर्णय सही है। कमलेश देवी
कक्षा पहली से 9वीं तक स्कूल खुलने की जानकारी अखबार के माध्यम से मिली है। शिक्षा मंत्री ने मीडिया के सामने स्कूल खोलने की जानकारी दी है। अभी तक स्कूल खोलने का कोई सरकारी पत्र नहीं हुआ है। लेकिन आज से स्कूल खुलेंगे। स्कूलों में कारोना गाइडलाइन का पालन सख्ती से किया जाएगा। बिजेंद्र श्योराण, डीईईओ नारनौल।