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29 मार्च को शनि करेंगे राशि परिवर्तन : भारद्वाज

Sun, 23 Mar 2025 11:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो संख्या:79- पंडित राहुल भारद्वाज--संवाद
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महेंद्रगढ़। न्याय के देवता कहे जाने वाले ग्रह शनिदेव अपना राशि परिवर्तन करने वाले हैं।
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ज्योतिष में शनि देव को सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह बताया गया है। ये एक राशि पर ढाई साल तक रहते हैं। इसके बाद दूसरी राशि पर जाते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज गढ़ी ने बताया कि 29 मार्च अमावस्या वाले दिन सुबह 5:26 बजे शनिदेव स्वराशि कुंभ से निकलकर मीन में चले जाएंगे।
शनिदेव के इस राशि परिवर्तन से सभी राशि वालों के जीवन पर इसका प्रभाव भी देखने को मिलेगा। कुछ राशि वालों से शनि का ढैया और साढ़े साती खत्म हो जाएगी और कुछ के लग जाएगी। उन्होंने बताया कि शनि का मीन राशि में प्रवेश करते ही मकर राशि पर शनि की साढ़े साती उतर जाएगी। कर्क और वृश्चिक राशि वालों को भी शनि के ढैया से छुटकारा मिल जाएगा।
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शनि के इस गोचर के बाद कुछ राशि के जातकों को ढैया, साढ़े साती का असर देखने को भी मिलेगा। शनि की साढ़े साती के ढाई-ढाई साल के तीन चरण होते हैं। पहले चरण को साढ़े साती की शुरुआत कहा जाता है। दूसरे चरण को चरम काल और तीसरे चरण को आम बोलचाल में उतरती हुई साढ़े साती भी बोल देते है। हमेशा तीन राशियों पर शनि की साढ़े साती चलती रहती है। 29 मार्च से शनि के इस राशि परिवर्तन से कुंभ, मीन और मेष राशि वालों पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव रहेगा। मीन राशि के लोगों पर साढ़े साती का दूसरा चरण, जबकि कुंभ राशि वालों पर (तीसरा) अंतिम चरण होगा। मेष राशि के लोगों पर शनि की साढ़े साती का प्रथम चरण की शुरुआत होगी। वही सिंह और धनु राशि वालों पर शनि देव ढैया शुरू हो जाएगा। जो ढाई साल तक रहेगा।
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इंसेट

शनि ढैया और साढ़े साती उपाय
शनिदेव न्याय के देवता हैं। कर्म अनुसार ही फल देते हैं। जैसे कर्म करेंगे वैसा ही फल देते हैं। इसलिए कभी भी कोई गलत कार्य नहीं करना चाहिए। कुछ विशेष कार्य उपाय करके शनि की ढैया और साढ़े साती के अशुभ प्रभाव को कम कर सकते हैं। शनिदेव कभी भी हनुमान जी के भक्तों को कोई भी कष्ट, पीड़ा नहीं देते हैं। इसलिए मंगलवार और शनिवार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे ढैया और साढ़े साती की परेशानियां कम हो जाती हैं। साथ ही शनिवार के दिन काली उड़द, काला तिल, सरसों का तेल, लोहा, गुड़, काला कपड़ा का दान करना चाहिए। ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
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