नारनौल। एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सर्वोपरि है। भयमुक्त वातावरण ही महिलाओं की कार्यक्षमता और विकास को सुनिश्चित करता है।
शुक्रवार को पंचायत भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत पॉश प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। इस दौरान एसडीएम ने कहा, प्रत्येक विभाग और संस्थान, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी हैं, वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
कमेटी गठित करने के बाद इसकी एक प्रति महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय में भिजवाएं। महिलाओं को कार्यस्थल पर होने वाले किसी भी अनुचित व्यवहार को चुपचाप नहीं सहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौन रहना उत्पीड़न को बढ़ावा देता है इसलिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए।
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न न केवल एक कानूनी अपराध है बल्कि यह मानवाधिकारों का उल्लंघन भी है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर कामकाजी महिला को सम्मानजनक और सुरक्षित परिवेश मिले।