फोटो नंबर-08बैठक के दौरान मांगों को लेकर नारेबाजी करते ग्रामीण सफाई कर्मचारी। स्रोत-संस्था
नारनौल। महेंद्रगढ़ रोड स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर आयोजित ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन की बैठक में नियमित कर्मचारी का दर्जा की मांग उठी। वहीं प्रधान जुगेश कुमार ने कहा कि गांवों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की थी लेकिन 18 वर्ष से अधिक सेवा देने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने मांग की कि सरकार सफाई कर्मचारियों को अपना कर्मचारी माने, 28 हजार रुपये वेतन लागू करे, 8 हजार रुपये ड्रेस भत्ता दे, महिला कर्मचारियों को मातृत्व लाभ, पुरुष कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव, सफाई उपकरण उपलब्ध कराए, मनमानी हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाए तथा गजटेड छुट्टियों के अलावा 45 दिन की छुट्टी लागू करे।
कामरेड सुभाष चंद्र एडवोकेट ने सामाजिक सुरक्षा लागू करने और श्रम कानूनों में किए गए बदलावों के विरोध में 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रीय हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया। बैठक में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लेकर हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया। संवाद