नांगल चौधरी। बिजली कर्मचारियों की निजीकरण के विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल से क्षेत्र में बिजली संकट गहरा गया है। ग्रामीण फीडर 100 प्रतिशत बंद होने से सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे हैं। ग्रामीण रातभर बिजली आने का इंतजार करते रहे, लेकिन सुबह तक राहत नहीं मिली।
बिजली आपूर्ति ठप होने से अब पानी का संकट बढ़ने की आशंका है। घरों में लगी मोटरें नहीं चलने से लोगों को पानी की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, बिजली पर निर्भर दुकानदारों और छोटे कारोबारियों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
सरकारी कार्यालयों में बिजली न होने से जरूरी कामकाज रुक गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आज हर परिवार की बुनियादी जरूरत है। इसके बिना घरेलू कामकाज, पानी और रोजगार प्रभावित होते हैं।
लोगों ने सरकार से बिजली संकट पर स्थिति स्पष्ट करने और जरूरी सेवाएं सुचारु रखने की मांग की है। अब सभी को बिजली बहाली का इंतजार है। संवाद