कच्चे चमड़े से लदे ट्रक में गोमांस होने के संदेह में मंगलवार को रिवासा ओवरब्रिज के पास काफी हंगामा हुआ। चार घंटे तक लोगों ने ट्रक को वहां से जाने नहीं दिया। प्रशासनिक अफसरों ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत करवाने का प्रयास किया। लोगों की मांग पर बाद में प्रशासन ने चमड़े की जांच करवाई। जांच में भैंसों की कच्ची खाल ट्रक में लदी होने की बात आई। उसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
कच्चे चमड़े से लदा एक ट्रक मंगलवार को चरखीदादरी की ओर जा रहा था। ट्रक के पीछे जा रहे बाइक सवार तीन युवकों ने साइड से खून टपकते देखा तो तुरंत बाइक ट्रक से आग लाकर रुकवाया। उन्होंने ट्रक की जांच करवाने की बात कही। जब उन्होंने देखा कि ट्रक में किसी पशु की कच्ची खाल है, इस पर उन्हें गौमांस होने का संदेह हुआ। कुछ ही समय में वहां और भी लोग इकट्ठे हो गए। उन्होंने सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने ट्रक ड्राइवर और क्लीनर को हिरासत में लेकर ट्रक कब्जे में ले लिया। मौके पर सुरेंद्र कौशिक, वीएचपी के दयाशंकर तिवाड़ी, रामजीवन मित्तल समेत कई संगठनों के नेता जमा हो गए। तहसीलदार दिनेश कुमार, एसएचओ रणजीत सिंह, नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को शांत करते हुए उनकी बात सुनी। लोगों ने चमड़े की जांच करवाने की मांग की। पशु चिकित्सा अधिकारी डा. सुदर्शन यादव ने चमड़े की जांच की और इसे भैंसों की कच्ची खाल बताया।
जेसीबी से उतरवाई खाल
ट्रक में गोमांस होने के संदेह से हुए हंगामे को प्रशासन ने शांत करवाने का प्रयास किया। जब लोग शांत नहीं हुए तो पुलिस प्रशासन कच्ची खाल से भरे ट्रक को सिसोठ की बणी में लेकर गए। वहां जेसीबी बुलवाकर कुछ खाल उतारी और पशु चिकित्सक अधिकारी ने उसकी जांच की। पशु चिकित्सक अधिकारी डा. सुदर्शन ने बताया कि ट्रक में भैंसों की ताजा और पुरानी मिक्स कच्ची खाल हैं। इन खालों के आपस रगड़ से खाल का पानी नीचे बह रहा है।
लोग संतुष्ट नहीं हुए तो बुलाई पुलिस
जांच पूरी होने के बाद भी लोग संतुष्ट नजर नहीं आए। लोगों का कहना था कि केवल बाहर की खाल ही ट्रक से उतारी गई है, हो सकता है ट्रक के बीच में गोमांस हो। इसलिए ट्रक को खाली करवाकर चेक किया जाए। लोग इस मांग पर काफी देर तक अड़े रहे लेकिन प्रशासन ने संतुष्टि जाहिर नहीं की। बड़े बवाल के मद्देनजर प्रशासन ने पहले ही पुलिस बुलवा ली। इस दौरान जनता ने मांग की कि अगर प्रशासन लिखकर दे कि इसमें गोमांस नहीं है तो वे मान लेंगे। तहसीलदार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से लिखित में लिया कि इसमें गोमांस नहीं है। इसके बाद ही लोगों ने ट्रक का जाने दिया।
पूछताछ में सही मिले दस्तावेज
पुलिस को ट्रक से कुछ दस्तावेज मिले जो माल की बिल्टी थी। इसके बाद मालिक से भी दूरभाष पर बातचीत की तो उसने भी भैंस का कच्चा चमड़ा ही बताया। पुलिस को मिले कागजों के मुताबिक माल जयपुर की निशा हाइड एंड स्किन से हाइड ट्रेडर्स जालंधर के लिए जा रहा था। ट्रक में 2721 नग भैंस का कच्चा चमड़ा था। एक नग की कीमत कागजों में 610 रुपये बताई गई है। यानी कुल माल की कीमत 1.66 लाख के लगभग था। इसमें टैक्स और लोडिंग चार्ज अलग से थे, मिलाकर कुल चार्ज 1.72 लाख रुपये के करीब थे।