अटेली-महेंद्रगढ़ मार्ग पर वीरवार को तीन गायें मरी मिलने से भड़के लोगों ने रेवाड़ी-झुंझुनू नेशनल हाईवे जाम कर विरोध जताया। इस दौरान लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे डीएसपी राजेश कुमार और कनीना के डीएसपी ताहिर हुसैन के अलावा अन्य लोगोें ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। बाद में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा।
जाम लगा रहे युवकों ने रोडवेज की एक बस पर पथराव कर उसके शीशे तोड़ दिए। दो घंटे लगे जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। जाम के दौरान बस से बाहर निकले लोगों को पुलिस के कोप का भाजन बनना पड़ा। इसके बाद ही जाम खुल पाया। चार किलोमीटर के अंदर तीन गायों की गई क्रूरता की लोगों ने जमकर निंदा की।
वीरवार अल सुबह ही स्थानीय लोगों ने महेंद्रगढ़ सड़क मार्ग पर तीन मरी गायों को अलग-अलग जगह देखा। घटनास्थल को देखकर ऐसा लग रहा था कि गायों को बुरी तरह से मारा गया है। जिंदा बचे एक गाय और दो बछड़ों को भी चोटें लगी हुई थी। गौ भक्तों ने घायल गाय का उपचार किया। इसके बाद लोगों ने सुबह करीब 10 बजे रेवाड़ी-झुंझुनू नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम करीब दो घंटे तक चला। डीएसपी राजेश कुमार, कनीना के डीएसपी ताहिर और तहसीलदार रोहतास के आश्वासन के बाद भी जब लोगों ने जाम नहीं खोला तो डीएसपी ने मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल बुला ली। इस दौरान नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह, बीडीपीओ ओमप्रकाश ने भी उपस्थित लोगों को समझाने का प्रयास किया।
नहीं मानने पर पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया। लाठी चार्ज होते ही प्रदर्शन कर रहे युवक भाग गए। बाद में युवकों ने रोडवेज बस पर पथराव किया। इससे बस के शीशे टूट गए। इस दौरान एक नवनियुक्त सरपंच को भी चोट लगी। जब लोगों ने पुलिस को बताया कि यह तो सरपंच है। इसके बाद ही उसको छोड़ा गया। जाम में फंसे बसों के यात्री भी सड़क पर खड़े थे। उन लोगों को भी पुलिस के थप्पड़ और लठ खाने पड़े। जाम लगा रहे अधिकतर युवक निकल भागे।
तीन नाके पास किए
पशुओं की क्रूरता को लेकर लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ है। उपस्थित लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि पशुओं के साथ क्रूरता करने वालों ने तीन पुलिस नाके पार किए हैं। पहले महेंद्रगढ़ का फिर दौंगड़ा का इसके बाद नया बस स्टैंड स्थित पुलिस चौकी के नाके पर ही गाय को डालकर यह दिखाया गया कि उन्हें पुलिस का भय नहीं है।