महेंद्रगढ़। खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के बीच अब गेहूं के दाम भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। गेहूं महंगा होने का सीधा असर आम परिवारों के रसोई बजट पर पड़ रहा है। मंडी में कुछ समय पहले गेहूं करीब 2600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था, लेकिन अब इसका भाव बढ़कर 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। हालांकि, गेहूं की किस्म और गुणवत्ता के अनुसार कीमतों में अंतर बना हुआ है।
दुकानदार राजेंद्र ने बताया कि मंडी में गेहूं के भाव लगातार बदल रहे हैं। अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं की मांग ज्यादा होने के कारण उसके दाम भी अधिक हैं।
गेहूं महंगा होने के बाद अब आटे की कीमतों पर भी असर पड़ा है। अलग-अलग किस्म और गुणवत्ता के आटे के रेट में करीब 20 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।
दुकानदारों का कहना है कि उन्हें मंडी से गेहूं पहले के मुकाबले महंगे दाम पर मिल रहा है। ऐसे में आटे के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गई है। इसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री महंगी होने से सबसे ज्यादा परेशानी मध्यम वर्गीय परिवारों को हो रही है।
महिलाओं अनिता, हेमलता और तरुणा ने बताया कि पहले से ही तेल, दाल और अन्य जरूरी सामान महंगे हैं। अब गेहूं और आटे के दाम बढ़ने से महीने का बजट और बिगड़ जाएगा।
सीमित आय में घर चलाने के लिए अब दूसरे सामान की खरीदारी में कटौती करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि रोज इस्तेमाल की चीजों की कीमत बढ़ने से छोटी-छोटी बचत करना भी मुश्किल होता जा रहा है।