फोटो संख्या:-64 नागरिक अस्पताल में मरीजों की जांच करते हुए डॉ. राहुल यादव। संवाद
महेंद्रगढ़। मौसम में बदलाव के साथ शहर में खांसी, गले में खराश और सांस संबंधी परेशानी के मरीज बढ़ने लगे हैं। अस्पताल में अब तक करीब 130 लोग इन शिकायतों के साथ पहुंच चुके हैं। चिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक खांसी के पीछे एलर्जी, धूलकण, प्रदूषण, पालतू पशुओं से निकलने वाले कण और तापमान में बदलाव जैसे कई कारण हो सकते हैं।
एमओ डॉ. वंदना यादव ने बताया कि मौसम बदलने पर तापमान में उतार-चढ़ाव का असर श्वसन तंत्र पर पड़ सकता है। जिन लोगों को पहले से धूल या किसी अन्य पदार्थ से एलर्जी है, उन्हें इस दौरान अधिक परेशानी हो सकती है। सुबह-शाम बढ़ती ठंड के कारण भी खांसी, गले में खराश और नाक बंद होने की शिकायत हो सकती है।
उन्होंने बताया कि हवा में मौजूद धूलकण सांस के जरिए शरीर में पहुंचकर एलर्जी बढ़ा सकते हैं। घर की धूल और पालतू पशुओं के बाल भी कुछ लोगों में खांसी का कारण बन सकते हैं। किसी खास जगह या वातावरण में जाने के बाद बार-बार खांसी हो तो एलर्जी की संभावना भी देखनी चाहिए।
डॉ. यादव ने धूल और प्रदूषण से बचने, पर्याप्त पानी पीने और समस्या लंबे समय तक रहने पर डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या तेज बुखार होने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी।