फोटो संख्या:-68 सतनाली में कथा के दौरान झांकी निकालते हुए बच्चे। संवाद
सतनाली । कस्बे के बाबा भैरो मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान मोहित दास ने भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि धर्म और सत्य की सदा विजय होती है।
मोहित दास ने कहा कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को अपने आराध्य के रूप में स्वीकार किया था। जब उनके विवाह का निर्णय शिशुपाल के साथ किया गया, तब उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर अपनी रक्षा की प्रार्थना की। भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी का हरण कर उनका विधिवत विवाह किया।।
रुक्मणी विवाह के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रंग.बिरंगी रोशनी से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने भजन.कीर्तन पर नृत्य करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की बारात का स्वागत किया।
महिलाओं ने मंगल गीत गाए जबकि श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर नवदंपति के दिव्य स्वरूप का आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा के दौरान ही गौ माता हस्ताक्षर अभियान भी संपन्न करवाया गया। इस दौरान प्रधान राजेन्द्र शर्मा, बसेसर सेठ, अतर भार्गव, अनिल पारीक, पृथ्वी सिंह, आनंद कौशिक, महेन्द्र वालिया व जीतू प्रेमी मौजूद रहे।