नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी पर राज्य मुख्य सूचना आयुक्त ने समय पर सूचना नहीं देने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना तथा तीन हजार रुपये का हर्जाना देने का निर्णय सुनाया है। यह जुर्माना उनकी सैलरी से काटा जाएगा। शहर के मोहल्ला शिवाजी नगर के त्रिभुवन वर्मा ने परिषद में एक शिकायत की थी कि एक भूखंड पर एक व्यक्ति अवैध तरीके से अतिक्रमण कर निर्माण कर रहा है। इसी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर बाबूलाल वर्मा ने इस पर कार्रवाई की सूचना जनसूचना अधिकार 2005 के तहत दिनांक 20 जुलाई 2015 को मांगी थी। इस सूचना की पूरी जानकारी नगर परिषद द्वारा नहीं देने पर राज्य मुख्य सूचना आयुक्त चंडीगढ़ ने 10 मार्च 2016 को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 25 अप्रैल 2016 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए थे।
उक्त तिथि पर नगर परिषद की तरफ से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उपस्थित नहीं हुआ तथा न ही किसी प्रकार के नोटिस का जवाब दिया गया। नगर परिषद की ओर से इस सूचना में देरी के लिए कोई जवाब भी नहीं दिया गया। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त ने प्रार्थी शिकायत के तथ्यों को देखते हुए तथा उनके आरोपों का सही मानते हुए नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीएन भारती पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उक्त जुर्माना माह जून व जुलाई के उसके वेतन से काटने की बात कही है। इसके अलावा राज्य मुख्य सूचना आयुक्त ने उक्त अधिकारी पर प्रार्थी बाबूलाल वर्मा को तीन हजार रुपये हर्जाने के रूप में देने के आदेश दिए हैं। राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि प्रार्थी ने जो आठ बिंदुओं की जानकारी मांगी थी उनमें से एक से चार तक की जानकारी अभी तक नहीं दी है जो कि जल्द मुहैया करवाई जाए।