फोटो नंबर-19विदाई रस्म पूरी करती दीक्षार्थी पलक। संवाद
नारनौल। दीक्षार्थी पलक की विदाई पर रविवार को शहर में एक भावनात्मक दृश्य देखने को मिला। जहां उसने सांसारिक जीवन का त्याग कर साध्वी बनने की ओर कदम बढ़ाया। पूरे धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ उनकी विदाई शोभायात्रा निकाली गई। असमें मुमुक्षु बहन की जय-जयकार के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
शोभायात्रा के दौरान पलक ने अपने माता-पिता, भाई-बहनों और परिवार को छोड़कर अपनी गुरु भाग्यप्रभा के सानिध्य में दिल्ली के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान पूरे शृंगार के साथ शहर में पलक की विदाई शोभायात्रा निकाली गई। शहरभर के श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
श्री श्वेतांबर स्थानकवासी जैन सभा के सचिव मुकेश जैन ने बताया कि पलक अब अपनी गुरु भाग्यप्रभा महाराज के पास पहुंच गई हैं। आगामी 23 अप्रैल को अशोक विहार, दिल्ली में उनका भव्य दीक्षा समारोह आयोजित किया जाएगा।
दीक्षा ग्रहण करने के बाद पलक जैन साध्वी के रूप में अपना जीवन संयम, आत्मसाधना और धर्म मार्ग को समर्पित करेंगी। इस अवसर पर शहरवासियों ने उनके उज्ज्वल आध्यात्मिक भविष्य की कामना की और उन्हें आशीर्वाद दिया।
परिजनों की आंखें नम, पलक के चेहरे पर आत्मिक शांति
विदाई के समय जहां परिजन भावुक होकर रो पड़े, वहीं पलक के चेहरे पर अद्भुत शांति, संतोष और आध्यात्मिक आनंद झलक रहा था। उनकी आंखों में सांसारिक मोह से विरक्ति और गुरु चरणों में समर्पण की स्पष्ट झलक दिखाई दी। पूरा माहौल भावनाओं और भक्ति से भर गया।