फोटो 05 पौधे को सीधा रखने के लिए सपोर्ट लगाते कृष्ण कुमार। स्रोत: पाठक
नारनौल। भागदौड़ भरे दौर में जहां ज्यादातर लोग धन कमाने में लगे हैं, वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण कुमार पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश कर रहे हैं। वे अदालत में वकालत करने के साथ प्रकृति की रक्षा के लिए भी सक्रिय रहते हैं। काम से जब भी खाली समय मिलता है, वे न्यायालय परिसर और सार्वजनिक स्थानों पर लगे पेड़-पौधों की देखभाल में जुट जाते हैं।
शुक्रवार को वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यनारायण थनवास के निधन पर शोक में अधिवक्ताओं ने कामकाज बंद रखा था। इस दौरान कई वकील घर पर आराम कर रहे थे या अपने निजी काम में व्यस्त थे। वहीं कृष्ण कुमार ने पूरा दिन बार एसोसिएशन परिसर के पेड़-पौधों को दिया। उन्होंने पौधों की छंटाई की, पानी दिया और उनकी सुरक्षा के पक्के इंतजाम किए।
कोरोना काल ने सिखाया ऑक्सीजन और पेड़ों का महत्व
कृष्ण कुमार ने बताया कि पेड़-पौधे इंसान के जीवन का मुख्य आधार हैं। ये हवा को शुद्ध करते हैं और छाया, फल व जीवनरक्षक औषधियां भी देते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लोगों ने ऑक्सीजन की कमी से जीवन-मरण का संघर्ष देखा। उस समय सभी को हरियाली की असली अहमियत समझ आई। शुद्ध हवा और स्वस्थ जीवन के लिए सिर्फ पौधे लगाना काफी नहीं है, उनकी नियमित देखभाल करना और बड़े पेड़ बनने तक उन्हें सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए पौधे लगाने की अपील
कृष्ण कुमार ने लोगों से अपील की कि हर व्यक्ति अपने आसपास कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी उठाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरा-भरा और सुरक्षित वातावरण मिल सके। उन्होंने बताया कि कोरोना काल से अब तक वे असुरक्षित पौधों पर ट्री गार्ड लगाने, उन्हें सहारा देने और खाद डालने के साथ पौधरोपण भी करते आ रहे हैं।