फोटो नंबर-05अनाज मंडी की रामलीला में राम वनवास की लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
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नारनौल। शहर की अनाज मंडी स्थित भगवान नारायण सेवा संस्था द्वारा श्रीकृष्णा ड्रामेटिक क्लब के मंच पर आयोजित कोपभवन भाग-2 और राम वनवास की लीला का मंचन हुआ। रामलीला का शुभारंभ पूर्व चेयरमैन कोऑपरेटिव बैंक कोसली रोहताश यादव, नरेंद्र यादव, राजेश यादव बसीरपुर और महीपाल यादव रेवाड़ी ने गणेश पूजन से किया।
दशरथ-कैकेई संवाद का मंचन देखकर दर्शक भावुक हो उठे। कैकेई ने दशरथ से वचन मांगते हुए कहा कि भरत को राजगद्दी दी जाए और राम को 14 वर्ष का वनवास दिया जाए। यह सुनकर दशरथ स्तब्ध रह गए लेकिन “रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई” की मर्यादा निभाते हुए उन्होंने राम को वनवास देने का निर्णय सुनाया। यह दृश्य देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
राम, लक्ष्मण और दशरथ के भावपूर्ण अभिनय ने सबका मन मोह लिया। रामलीला में भगवान राम के साथ सीता व लक्ष्मण भी वन जाने के जिद करते हैं। भगवान राम द्वारा लाख समझाने पर भी जब वे दोनों नहीं मानते तो वे उन्हें भी अपने साथ ले जाने के लिए तैयार हो जाते हैं। इसके बाद माता कैकेई को अपने राजश्री वस्त्र देकर वनवासी के वस्त्र धारण कर वन को निकलते हैं।
यही रामलीला को विराम दिया जाता है। राम का किरदार अरविंद गर्ग, लक्ष्मण का मनोज निर्मल, सीता का विवेक शर्मा, दशरथ का संजय वर्मा तथा कैकई का सतीश बेदी ने किया। मंचन में ड्रेस इंचार्ज सोनू शर्मा, अरविंद सैनी व मेकअप दीपक सेन द्वारा किया गया। इस अवसर पर विजय जैन, प्रेमचंद गुलाटी, सत्यनारायण भगत, रतनलाल, मुकेश शर्मा, वासुदेव सिंघल व नवीन सिंघल आदि उपस्थित रहे।