नारनौल के चांदुवाड़ा में श्री धार्मिक रामलीला मंचन के दौरान राम वनवास का दृश्य प्रस्तुत किया गया। कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय से दर्शक भावुक हो उठे। कार्यक्रम में अतिथियों का सम्मान भी किया गया।
नारनौल। श्री धार्मिक रामलीला चांदुवाड़ा के रंगमंच पर रात कैकेई कोपभवन और राम वनवास की लीला का मंचन हुआ। मनोज वर्मा के निर्देशन में कलाकारों ने अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
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रामलीला मंचन के दौरान महारानी कैकेई कोपभवन में जाकर राजा दशरथ को दो वचनों की याद दिलाती है। पहले वचन में वे भरत का राज्याभिषेक और दूसरे में राम को 14 वर्ष का वनवास मांगती हैं। राम को वनवास भेजने की बात सुनकर दशरथ व्यथित होकर अचेत हो जाते हैं। इस मार्मिक दृश्य ने रामलीला मैदान में मौजूद हजारों दर्शकों को भावुक कर दिया। राम अपने पिता के वचन की मर्यादा निभाने के लिए वनवास जाने को तैयार हो जाते हैं। रामलीला को यहीं विराम दिया जाता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुंबई से आए महासर माता पर फिल्म बना रहे निर्माता श्रीधर गुप्ता व निर्देशक सनी अग्रवाल ने पर्दा उठाकर किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में रोटरी क्लब से एडवोकेट राजकुमार यादव, गोपाल मित्तल, हिमांशु अग्रवाल, विजय जिंदल, राकेश बंसल, विकास जैन, पंकज गोयल, मुकेश मित्तल, शालिनी बंसल, ज्योति जैन, रेखा मित्तल, सारिका गर्ग और सीमा हरित उपस्थित रहे। ट्रस्ट प्रधान संजय गर्ग ने कार्यकारिणी के साथ अतिथियों का पटका व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मान किया।
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रामलीला ट्रस्ट के प्रधान संजय गर्ग ने बताया कि मंचन में मनमोहन सोनी ने राजा दशरथ, बबरूभान ने कैकेई, दीपक हरित ने राम, विकास चौहान ने सीता तथा सत्यनारायण वर्मा ने महर्षि वशिष्ठ की भूमिका निभाई। उनके भावपूर्ण संवादों से दर्शकों की आंखें नम हो गईं।