सीएम मनोहर लाल की दूसरी पारी की प्रगति रैलियों की शुरूआत धीमी गति से हुई। इस बार रैलियों का नाम विकास की बजाए प्रगति रैली होगा। दूसरी पारी में विधानसभा की बजाए जिला स्तर पर ही रैली होंगी। वर्ष 2015-16 में सीएम मनोहरलाल ने महेंद्रगढ़ जिले की चारों विधानसभाओं में अलग-अलग रैली कर करीब 1200 करोड़ रुपये की घोषणाएं की थी। इस बार 150 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट भी नहीं मिल पाए। प्रगति रैली में स्थानीय मंत्री ओपी यादव के अलावा केबिनेट का कोई चेहरा नजर नहीं आया। इस बार रैली में दिल्ली से कोई नेता नहीं आया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, महेंद्रगढ़-भिवानी सांसद भी रैली से गायब रहे।
प्रदेश में अक्तूबर 2014 में भाजपा की सरकार बनने के बाद सीएम मनोहरलाल ने सभी 90 विधानसभाओं में रैली करने का एलान किया था। सीएम ने 2015 से विधानसभा वाइज रैलियों की शुरूआत की। करीब डेढ़ साल में रैलियों को पूरा किया। अब दूसरी बार भाजपा की सरकार बनने के करीब साढे़ तीन महीने बाद मनोहर लाल ने रैलियों का सिलसिला शुरू किया है। चार में से तीन विधायक भाजपा को देने वाले महेंद्रगढ़ की चारों विधानसभाओं के लिए एक रैली की गई। पिछली बार ओलराउंडर की तरह धुआंधार पारी खेलने वाले सीएम मनोहरलाल ने इस बार की रैली में धीमी शुरूआत की। जिला स्तरीय रैली होने के बाद भी इसमें स्थानीय मंत्री ओपी यादव के अलावा केबिनेट का कोई चेहरा नजर नहीं आया। महेंद्रगढ-भिवानी सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह, अहीरवाल के दिग्गज राव इंद्रजीत सिंह भी रैली में नहीं पहुंचे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला भी प्रगति रैली से दूर रहे। रैली में प्रदेश स्तरीय अधिकतर घोषणाएं सीएम पहले ही कर चुके थे। ऐसे में लाल डोरा विस्तार ,मुख्यमंत्री समृद्धि योजना, विधायकों को 5-5 करोड़, शहरों को उनकी आबादी के अनुसार ग्रांट, सूक्ष्म सिंचाई योजना, छह करम के रास्तों को पक्का करने की अधिकतर घोषणाओं को केवल दोहराया गया। भाजपा पार्ट वन सरकार में चारों विधानसभाओं के लिए सीएम ने चार रैलियों में करीब 1200 करोड़ की घोषणाएं की थी। इस बार चारों विधानसभाओं के लिए 150 करोड़ भी नहीं पहुुंच सका।
डिप्टी स्पीकर का कटा था टिकट, रैली से भी दूर रही..
यह रैली अटेली विधानसभा क्षेत्र के दायरे में आने वाले गांव दौंगड़ा में थी। पिछली भाजपा सरकार में यहां से विधायक बनी संतोष यादव डिप्टी स्पीकर बनी थी। 2019 के चुनाव में उनका टिकट काट दिया गया था। रविवार की रैली में संतोष यादव नहीं पहुंची। रैली स्थल पर सभी विधायकों, भाजपा जिला अध्यक्ष, पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा को बड़ी संख्या में फ्लैक्टस लगाए गए थे। किसी भी फ्लैक्स पर संतोष यादव का फोटो दिखाई नहीं दिया। मीडिया की ओर से पूछे जाने पर संतोष यादव ने कहा उन्हें रैली का निमंत्रण नहीं मिला था।
मुझे रैली का न्यौता था, आना भी था लेकिन व्यक्तिगत कारणों से रविवार को आयोजित हुई प्रगति रैली में शामिल नहीं हो पाया। कोई ऐसी बात नहीं है।
-धर्मबीर सिंह, सांसद, महेंद्रगढ़-भिवानी।
जिला प्रमुख होने के बावजूद मुझे रैली का कोई निमंत्रण नहीं था। सीएम के आने की जानकारी मिलने के बाद रैली गई। जहां मुझे मंच पर जगह नहीं मिली। इसलिए लौट आई। वैसे सीएम को सम्मानित करने वालों में भी मेरा नाम था। संगठन में इसकी शिकायत की जाएगी।
-राजेश देवी, जिला परिषद प्रमुख, महेंद्रगढ़।
गठबंधन की पारी में नई शुरूआत
दौंगड़ा में भाजपा की रैली में जन नायक जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राव रमेश पालड़ी भी पहुंचे। राव रमेश पालड़ी को मंच पर पहली पंक्ति में जगह मिली। विधायकों के समान उनको प्रोटोकॉल दिया गया। उन्हें विधायक सीताराम के बाद बोलने के लिए संबोधन के लिए समय दिया गया। राव रमेश पालड़ी ने महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रामबिलास शर्मा के खिलाफ चुनाव लड़ा था।