78 साल पुराने और मॉडल स्टेशन का दर्जा होने के बाद भी कम टिकटों का हवाला देकर बीकानेर मंडल ने जोधपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन का स्टॉप रोक दिया है। बीकानेर रेलवे मंडल का कहना है कि टिकट की बिक्री देखकर ही स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। लॉकडाउन से पहले महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर यह गाड़ी रुकती थी, लेकिन महेंद्रगढ़ स्टेशन पर टिकटों की बिक्री बहुत कम होती थी। इसलिए रेलवे ने महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर ठहराव नहीं दिया।
लॉकडाउन से पहले इस ट्रैक पर 30 गाड़ियां चलती थीं। उस समय बीकानेर एवं जोधपुर गाड़ी का समय लगभग एक घंटे का फर्क था। बावजूद इसके महेंद्रगढ़ के अधिकतर व्यापारी देरी होने पर इसी ट्रेन से महेंद्रगढ़ आते थे। 12 सितंबर से जोधपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला सुपर फास्ट ट्रेन शुरू की है। इस ट्रेन का 15 छोटे बड़े स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। टिकट की कम बिक्री का हवाला देकर महेंद्रगढ़ का स्टॉप हटा दिया है। महेंद्रगढ़ जिले में इस ट्रेन का कोई स्टॉपेज नहीं है। इससे पहले भिवानी जिले के लोहारू में इसका स्टॉपेज है। महेंद्रगढ़ जिले के आगे रेवाड़ी, गुरुग्राम जिले में भी इसके स्टॉपेज हैं। महेंद्रगढ़ हरियाणा का सबसे पुराना जिला है। इसके अंतर्गत 104 गांव तथा 25 ढाणियां आती हैं। इस क्षेत्र में बहुत से सैनिक आर्मी, बीएसफ आदि में देश की सेवा कर रहे हैं। रात के समय सैनिक इसी गाड़ी से दिल्ली से महेंद्रगढ़ आते हैं, लेकिन अब महेंद्रगढ़ स्टेशन पर ठहराव नहीं दिए जाने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। रात भर उनको रेवाड़ी रेलवे स्टेशन पर ही गुजारनी होगी। इसके बाद सुबह किसी बस में सवार होकर यहां तक आना पड़ेगा।
दैनिक रेलयात्री महासंघ के प्रधान रामनिवास पाटोदा ने ट्रेन के ठहराव की मांग की है। इससे पहले वो उपायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। जेडयूआरसीसी जयपुर जोन के सदस्य सुंदर लाल जोरासिया ने कहा कि उनकी एजीएम से बातचीत चल रही है। गाड़ी रुकवाने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में वो सांसद धर्मबीर को भी अवगत करवा चुके हैं।
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जोधपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला सुपर फास्ट ट्रेन कोरोना काल सेे पहले महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर रुकती थी। उस समय स्टेशन पर टिकटों की बिक्री कम होती थी। उसी की वजह से गाड़ी का स्टॉप नहीं दिया गया। वैसे ठहराव के लिए हमने अधिकारियों एवं रेलवे बोर्ड को लिखा हुआ है।
जितेंद्र कुमार, सीनियर डीसीएम, बीकानेर मंडल