रेल मंत्री सुरेश प्रभु को बजट प्रस्तुत करने से पहले सभी सांसदों ने नई ट्रेन और ट्रैक बनाने के लिए लिस्ट सौंपी था, लेकिन बजट में पूरे देश के अंदर केवल चार नई ट्रेनें चलाने का एलान कर क्षेत्र के साथ धोखा किया है। रेल बजट में किराया और मालभाड़ा न बढ़ाकर वाहवाही लूटने का प्रयास तो किया गया लेकिन गाड़ियों के विस्तार और नई गाड़ियों के नहीं चलाने से विपक्षी और लोगों ने नाराजगी जताई है।
क्षेत्रवासियों को काफी उम्मीदें थीं लेकिन लोगों को उस समय झटका लगा जब बजट में कुछ नहीं मिला। बजट से पहले राजनेता बड़े -बड़े वादे कर रहे थे, लेकिन बजट आने पर सब धराशायी हो गए हैं। इतना ही नहीं रेलमंत्री स्वयं हरियाणा से राज्य सभा सांसद होने के बाद भी अपने प्रदेश को कुछ नहीं दे पाए हैं। लोगों को बजट में महेंद्रगढ़-नारनौल रूटों पर नई गाड़ियां चलाने, अलवर से चरखी दादरी नई रेलवे लाइन और पुरानी गाड़ियों के विस्तार, स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने की उम्मीदें थीं, लेकिन उपरोक्त में से महेंद्रगढ़ को कुछ नहीं मिलने पर लोगों ने नाराजगी जाहिर की है। विपक्षी नेेताओं का कहना है कि हरियाणा के साथ धोखा हुआ है।
लोकसभा चुनाव में प्रदेशवासियों ने 10 में से सात सीटों से भाजपा उम्मीदवारों को संसद में भेजा था, इसके बावजूद रेलमंत्री ने हरियाणा को बजट में कुछ नहीं देकर अन्याय किया है। दैनिक रेलयात्री सुरेश, प्रवीण, अनिल, महेंद्र, रवींद्र, संजय, मनोज का कहना है कि उन्हें इस बार रेल बजट से काफी उम्मीदें थीं कि शायद इस बार क्षेत्र को एक दो लंबी दूरी की ट्रेन मिल जाएगी और गाड़ियों के फेरे बढ़ जाएंगे, लेकिन इस बजट ने उनकी सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
नेताओं के आश्वासन झूठे साबित
क्षेत्र के लोगों ने महेंद्रगढ़-भिवानी सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह और प्रदेश के शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा को भी कई बार रेल संबंधित समस्याओं से ज्ञापन देकर अवगत कराया था, लेकिन उन ज्ञापनों का नेताओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। शिक्षा मंत्री ने कहा था कि वे लगातार रेल मंत्री के संपर्क में हैं, उम्मीद है कि इस बजट में नारनौल-महेंद्रगढ़-दादरी रूट के लिए नई रेलवे लाइन की सौगात मिलेगी, लेकिन एक बार फिर साबित हो गया कि महेंद्रगढ़ जैसे पिछड़े क्षेत्र के साथ फिर अन्याय हुआ है।