नांगल चौधरी तहसीलदार पर रजिस्ट्री प्रक्रिया में भेदभाव बरतने के आरोप लगाए गए हैं। गुस्साए लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, इसके बाद सीएम को शिकायत भेजने का निर्णय लिया है।
रोहताश रावत, झाबर ठेकेदार, बिक्रम, अशोक आदि ने बताया कि नांगल चौधरी तहसील के अंतर्गत 100 से अधिक गांव एवं ढाणियां हैं। किसान क्रेडिट कार्ड व जमीनी रजिस्ट्री करवाने रोजाना सैकड़ों लोग कार्यालय में पहुंचते हैं। ग्रामीणों की सुविधा के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार नियुक्त हैं, किंतु तहसीलदार पिछले कई दिनों से अवकाश पर हैं, स्वास्थ्य खराब होने के कारण नायब तहसीलदार दफ्तर नहीं पहुंचा। ऐसे में उपायुक्त द्वारा अटेली के तहसीलदार को नांगल चौधरी का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है। आदेशानुसार उन्हें एक से तीन बजे तक नांगल चौधरी कार्यालय में ड्यूटी देनी होती है। रजिस्ट्री व अन्य कामकाज पूरा करने के बाद अटेली में उपस्थिति दर्ज करवानी होगी। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब डेढ़ बजे तहसीलदार पहुंचा, चुनिंदा रजिस्ट्रियों पर हस्ताक्षर करके रवाना हो गया। इस दौरान लोगों ने आर्थिक नुकसान होने की गुहार लगाकर रजिस्ट्री की स्वीकृति मांगी। स्वीकृति नहीं मिलने पर लोग क्रोधित हो गए उन्होंने आरोप लगाया नियमानुसार रजिस्ट्री पर तहसीलदार की फोटो लगानी होती है। इस दौरान अधिकारी का हाजिर रहना जरूरी है। लेकिन कंप्युटर में फीड उनकी फोटो का इस्तेमाल कर रजिस्ट्री की गई हैं। उन्होंने कहा कि सीएम को शिकायत भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई जाएगी।
-बिना दस्तावेज रजिस्ट्री संभव नहीं
तहसीलदार रोहताश कुमार ने बताया कि कुछ लोगों की रजिस्ट्री के साथ जमाबंदी, इंतकाल की नकल अटैच नहीं थी, जिस कारण स्वीकृति नहीं दी। एक से तीन बजे तक नांगल चौधरी का अतिरिक्त चार्ज है। इसके बाद अटेली चला गया। बाद में फोन पर कंप्लीट दस्तावेजों की सूचना दी गई थी। दस्तावेजों की जांच के बाद बुधवार को स्वीकृति दे दी जाएगी।