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Narnaul: माता-पिता के इकलौते पुत्र थे पुलकित, सोनीपत के पास कार में आग लगने से जिंदा जलने से हुई मौत

Thu, 23 Jun 2022 08:47 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)

सार

परिजनों ने नम आंखों से राजस्थान के गांव निहालपुरा में अंतिम संस्कार किया। गांव में मातम पसरा है। रो-रोकर माता-पिता की हालत खराब है।
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कार में लगी आग, पुलकित का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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सोनीपत में हाईवे पर राईके पास हुए सड़क हादसे में कार में आग लगने से जल कर एमबीबीएस के तीन छात्रों की मौत हो गई। इनमें से एक छात्र पुलकित भी हैं जो कुछ वर्षों से नारनौल के हुड्डा सेक्टर में रहते थे। वह माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। हादसे की जानकारी होने के बाद माता-पिता का रो-रोकर हालत खराब है। राजस्थान स्थित गांव में भी मातम पसर गया है। दोपहर बाद परिजनों ने नम आंखों से पुलकित का अंतिम संस्कार दोपहर बाद उसके पैतृक गांव निहालपुरा, बहरोड राजस्थान में किया। 

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पुलकित मूल रूप से गांव निहालपुरा, बहरोड राजस्थान निवासी थे लेकिन पिछले कुछ वर्षों से नारनौल हुड्डा सेक्टर में रह रहे थे। पुलकित के पिता रमेश कुमार राजस्थान में समाज कल्याण अधिकारी हैं जबकि उसकी मम्मी अध्यापिका हैं। वह दो भाई बहनों में सबसे छोटा था। उसकी बड़ी बहन एमबीबीएस करने के बाद भोपाल से पीजी कर रही है।

पुलकित रोहतक पीजीआई से एमबीबीएस कर रहा था। वह एमबीबीएस तीसरे वर्ष का छात्र था। बुधवार रात को पुलकित अन्य चार साथियों के साथ रोहतक से हरिद्वार जाने के लिए आई-10 कार से निकला था। इस बीच सोनीपत से गुजरने वाले मेरठ-झज्जर नेशनल हाईवे पर बुधवार देर रात तेजरफ़्तार कार पत्थरों के बैरिकेट्स से टकरा गई और कार में आग लग गई।
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बताया जा रहा है कि कार में सवार पुलकित समेत तीन एमबीबीएस छात्रों की जलकर मौत हो गई। दो एमबीबीएस छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है। गुरुवार को जब माता-पिता को इकलौते पुत्र पुलकित की मौत की खबर मिली तो उनके पैरों की जमीन निकल गई। हादसे की सूचना से गांव में भी मातम पसर गया।

गुरुवार को उसका शव को गांव निहालपुरा ले जाया गया। अंतिम समय में भी माता पिता उसको देख नहीं  पाए क्योंकि शरीर बुरी तरह से जल चुका था। मां का रो-रो कर बुराहाल तो गया था, परिवार के लोग उसको ढांढस भी बंधा रहे थे लेकिन वह बार-बार पुलकित को याद करके रो रही थी। दोपहर बाद गांव निहालपुरा, बहरोड राजस्थान में पुलकित का अंतिम संस्कार किया गया। गांव के लोग परिवार के लोगों को संभालते हुए उन्हें सांत्वना दे रहे थे। 

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