फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

20 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा को लेकर आज से किसानों को अनिश्चितकालीन धरना

विज्ञापन
फोटो संख्या:44- गांव बाघोत में आयोजित महापंचायत में हिस्सा लेते हुए किसान - फोटो : Narnol
विज्ञापन
गांव बाघोत में रविवार को लगभग 11 गांवों के किसानों की पंचायत हुई। पंचायत में ग्रामीणों ने ग्रीन कॉरिडोर के लिए सरकार द्वारा अधिगृहीत जमीन का मुआवजा कम से कम 20 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से बढ़ाए जाने की मांग की। इस पंचायत की अध्यक्षता किसान नेता रमेश दलाल ने की। इस मौके पर किसानों ने सोमवार से गांव बाघोत में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया। धरने के लिए 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है जिसका अध्यक्ष हनुमान सिंह यादव को बनाया गया है। इस पंचायत में बाघोत, पोता, खेड़ी, सेहलंग, चिड़िया, मकराना, दादरी, धनौंदा, उच्चत, दातौली, दुधवा आदि के किसानों ने भाग लिया।
विज्ञापन

किसान नेता रमेश दलाल ने कहा कि नारनौल से इस्माईलाबाद (कुरुक्षेत्र) वाला ग्रीन कॉरिडोर 8 जिलों से गुजरेगा। इसके बीच में दादरी, रोहतक, जींद, भिवानी, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र जिले के किसानों की जमीन आएगी। सरकार इन जिलों के किसानों की जमीन कलेक्टर रेट पर लेना चाह रही थी। सरकार की ओर से अवार्ड राशि जारी कर दी थी लेकिन किसान इस रेट पर अपनी जमीन देने को तैयार नहीं थे। इसके लिए गांव जुलाना और रामनगर के किसानों ने मुआवजा बढ़ाने को लेकर 450 दिन धरना दिया था। सरकार ने मजबूरी वश अवार्ड को रिवाइज करना पड़ा। महेंद्रगढ़ जिले के किसानों को छोड़कर शेष सात जिलों के किसानों की अवार्ड राशि दोगुनी बढ़ा दी है। यह अवार्ड राशि कम से कम 20 लाख रुपये बढ़ाई है। परंतु महेंद्रगढ़ के किसानों के साथ इस मामले में भेदभाव हुआ है। जब सात जिलों के किसानों की अवार्ड राशि रिवाइज हो सकती है तो महेंद्रगढ़ के किसानों की क्यों नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक इन किसानों को बाकी सात जिलों की तर्ज पर मुआवजा राशि नहीं देती है तो हम किसानों से मिलकर सरकार के खिलाफ आंदोलन और धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने किसानों को आंदोलन के दौरान एकजुट रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर किसान मांगेराम, एडवोकेट जितेंद्र गुर्जर, रविंद्र, धर्मपाल, राजकुमार, सुनील, लोकेंद्र, हनुमान सिंह यादव, कृष्ण, प्रकाश, बेगराज, रामसिंह, नरेश कुमार, राजेश, बलवान, राजवीर, मंजीत, पंडित राजू, नंबरदार सुरेंद्र, मुल्तान खरकड़ा, नरेश कुमार, कविंद्र चिड़िया सहित अनेक किसान उपस्थित थे।
सरकार 20 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से बढ़ाकर दे मुआवजा:
सरकार द्वारा कॉरिडोर में अधिकृत जमीन के एवज में मुआवजा राशि 39 लाख 71 हजार रुपये दया जा रहा है। इसके अतिरिक्त किसानों के लिए 20 लाख रुपये अतिरिक्त मिनिमम मुआवजा राशि देने की मांग की।
विज्ञापन

11 सदस्यों की कमेटी की गठित:
महापंचायत के बाद धरने के लिए 11 सदस्यों की किसान संघर्ष कमेटी का गठन किया गया। जिसमें कमेटी का प्रधान हनुमान सिंह, उपप्रधान बेड़ा सिंह, उपप्रधान बेगराज, सचिव धर्मवीर, सह सचिव प्रकाश कटारिया, कोषाध्यक्ष रवि दत्त यादव और धर्मपाल कटारिया राजवीर सुबे सिंह, नरेश, लोकेंद्र सिंह, भुल्ले राम को कमेटी का सदस्य बनाया गया।
गांव बाघोत में आज से होगा धरना शुरू:
कमेटी के प्रधान हनुमान सिंह ने कहा कि किसान सोमवार से बाघोत गांव के बस स्टैंड पर सुबह 9 से 5 बजे तक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि धरने में केवल वो ही किसान शामिल हो सकेंगे जिनकी जमीन ग्रीन कॉरिडोर में आ रही है। उन्होंने का कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होने दिया जाएगा। किसान अपने दम पर और शांति प्रिय तरीके से धरने पर बैठकर अपनी मांग उठाएंगे। उन्होंने कहा कि कमेटी के सदस्य कॉरिडोर से लगते आस-पास के गांवों में जाकर किसानों को जागृत करेंगे। आंदोलन में भाग लेने के लिए, धरने में शामिल होने के लिए बुलावा भेजेंगे। अधिक से अधिक किसानों को इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा। जरूरत पड़ी तो कमेटी में भी विस्तार किया जाएगा।
भाजपा कार्यकर्ता है हऩुमान सिंह:
बता दें कि कमेटी के अध्यक्ष हनुमान पिछले 20 वर्षों से भाजपा कार्यकर्ता हैं। 20 वर्ष पहले शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने उनको पार्टी ज्वाइन करवाई थी। तब से वो पार्टी से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार अवार्ड राशि रिवाइज हुई है। राम नगर और जुलाना के किसानों ने 450 दिन धरना दिया था। इसके बाद सीएम मनोहर लाल ने उनके प्रतिनिधि मंडल की तीन चार बार बातचीत हुई। अंत में सीएम ने प्रतिनिधि मंडल को सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से उनकी मुलाकात करवाई, तब जाकर उनकी अवार्ड राशि बढ़ी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी अवार्ड राशि भी अवश्य बढ़ाएगी। भाजपा सरकार समान काम समान विकास की पार्टी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें