बिजली की बढ़ी हुई दरों के विरोध में लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार को लोगों का गुस्सा फुटा और हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल ने एसई कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर एसई कार्यालय का घेराव किया। लोगों ने एसई कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की।
शहर के सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था। शहर में इस बार बिजली का बढ़ा हुआ बिल आ रहा है। ये बिल सरकार द्वारा बिजली की दरों का नया टैरिफ जारी करने के बाद आ रहे हैं। सरकार ने नए टैरिफ की घोषणा अप्रैल में कर दी थी। इसके बाद अब सितंबर माह से इसे लागू किया गया है। इसके कारण सितंबर माह में अप्रैल माह से लेकर अगस्त माह तक के बढ़े हुए रुपये एरियर के रूप में अतिरिक्त लिए जा रहे हैं।
इससे लोगों को बिल दुगना हो गया है। इसके कारण लोगों में आक्रोश है। इसी को लेकर अनेक बार धरना प्रदर्शन किए जा चुके हैं। गुस्साए लोग रोजाना धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। बिजली के बढ़े बिलों के विरोध में अधिवक्ता भी प्रदर्शन कर चुके हैं। वहीं प्रजा शक्ति मंच तथा हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के सदस्य भी इन बढ़े हुए बिलों को कम कराने के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस अवसर पर हरियाणा व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष किशन चौधरी, सरजती नम्बरदार, सुशील चौटाला, हेमंत चौबे, हरि राम, नवीन शर्मा, जगदीश शर्मा, बाबूलाल सैनी, राजकुमार, मनोज कुमार, सुरेश चौहान, अनिल, दलीप, चंद्रपाल, ग्यासी लाल चौधरी, सुमेर सिंह व रवि कुमार आदि रहे।
व्यापार मंडल ने सौंपा ज्ञापन
आल हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल ने बिजली बिल में प्रति यूनिट 2.30 रुपये बिना अग्रिम जानकारी के बढ़ाए गये फरमान को वापस लेने की मांग को लेकर बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता एक ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर शहर के अनेक लोग उपस्थित थे। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि दक्षिण हरियाणा सबसे पिछड़ा हिस्सा है, जहां किसी भी प्रकार के उद्योग या अन्य कोई संसाधन उपलब्ध नहीं है। इससे की आमजन अपने रोजमर्रा की हर आवश्यकता पूरी कर सके। ऐसे में बिजली विभाग द्वारा 2.30 रुपये प्रति यूनिट अप्रैल से लेकर अभी तक के बिल में जोड़ने का तानाशाही फरमान जारी किया गया है। आम आदमी इतनी भारी भरकम राशि को जमा करवाने की स्थिति में नहीं है। आमजन असमंजस की स्थिति में है कि वह अपने बच्चों की शिक्षा और पालन पोषण करें या बिजली का बिल भरें। उन्होंने ज्ञापन में मांग की है कि इस नीति को बदलकर आम जन मानस पटल पर प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल होने से बचाए तथा बढ़ी हुई प्रति यूनिट रकम वाली नीति को वापस लिया जाए तथा फ्यूल चार्ज हटाया जाए।
एसई के कार्यालय का घेराव, नारेबाजी
इस दौरान लोगों ने एसई कार्यालय का घेराव किया तथा नारेबाजी भी की। लोग कार्यालय के बाहर से नारेबाजी करते हुए कार्यालय के अंदर पहुंचे तथा वहां पर बढ़े हुए बिलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में एसई ने कार्यालय परिसर में लोगों की बात को सुना तथा उनसे ज्ञापन लिया।
कार्यालय बन गया था पुलिस छावनी
लोगों के एसई कार्यालय के घेराव की पूर्व सूचना होने के चलते बुधवार को कार्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया हुआ था। एसई कार्यालय में सिटी एसएचओ रमेश कुमार के अलावा एक बस भरकर पुलिस बुलाई गई थी। इसके कारण कार्यालय पुलिस छावनी में तबदील हो गया था।