फोटो संख्या:73-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजावास में टीबी जागरूकता को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियो
कनीना। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजावास में सोमवार को टीबी जागरूकता को लेकर बैठक में टीबी इंचार्ज डॉ. दीपांशु ने कहा कि अभियान के तहत गांव-गांव जाकर टीबी के संभावित मरीजों के सैंपल लेकर उनकी जांच कराएं। टीबी की पुष्टि होने पर शीघ्रता से उपचार शुरू करें।
पवन कुमार ने कहा कि जिन व्यक्तियों को दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी आ रही हो, उनके बलगम की जांच अवश्य कराई जानी चाहिए। गले में गांठ, लगातार कमजोरी या टीबी संबंधी अन्य लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से जांच करवाने की सलाह दी गई।
उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी स्क्रीनिंग बढ़ाने, मरीजों की लोकेशन अपडेट करने, नए मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराने और उनके नियमित फॉलोअप पर जोर दिया। पल्मोनरी मरीजों की दवाई शुरू करने के साथ उनके परिवारजनों की टीपीटी शुरू करने संबंधी निर्देश बताए गए।
डॉ. दीपांशु ने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में टीबी के संभावित मरीजों की पहचान कर तुरंत उनकी जांच करवाएं। टीबी मरीजों को पोषक आहार हेतु सरकार की ओर से कोर्स पूर्ण होने तक प्रति माह एक हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। संवाद