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उल्टी गंगा बहाने चले पब्लिक हेल्थ के अधिकारी

Mon, 08 May 2017 12:04 AM IST
bureau
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कहीं पानी में नहीं बह जाए पैसा
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शहर के विभिन्न स्थानों पर जमा होने वाले बरसाती पानी की निकासी के लिए पब्लिक हेल्थ विभाग ने 209 लाख रुपये की एक योजना बनाई है। जिसके तहत इन स्थानों का पानी बड़े 24 इंच के पाइपों के माध्यम से शहर के बड़े नालों में डाला जाएगा।
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मगर यह योजना शुरू होने से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई है। जिस प्रकार विभाग ने पानी निकालने के लिए रास्ते चुने हैं, वह बिल्कुल ही बहाव के विपरीत हैं। वहीं निकासी के रास्तों में ऊंचाई ज्यादा है। ऐसे में यह कहना भी ठीक रहेगा कि विभाग ने पानी निकालने के लिए उल्टी गंगा बहाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में विभाग के अधिकारी कहीं बरसाती पानी निकालने के चक्कर में 209 लाख रुपये पर पानी न फेर दें।

बारिश के मौसम में शहर में अनेक जगहों पर बरसाती पानी जमा हो जाता है। जहां पर पानी कई बार दो से तीन दिन तक भी खड़ा रहता है। इससे लोगों को बहुत परेशानी होती है। इस बरसाती पानी को निकालने के लिए कई बार लोग अधिकारियों से मिल चुके हैं। जिसके बाद अधिकारियों ने इसका जिम्मा जनस्वास्थ्य विभाग को दिया।
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जनस्वास्थ्य विभाग ने इन जगहों की जांच कर शहर से बरसाती पानी निकालने की एक योजना बनाई। जिसके तहत 209 लाख रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान रखा गया। योजना उच्च अधिकारियों के पास भेजी गई तथा इसे मंजूर भी कर लिया गया। अब विभाग ने एक एजेंसी को इसके निर्माण के लिए टेंडर छोड़ा है। जिसके बाद पाइप डलने का कार्य शुरू हो चुका है। जब विभिन्न स्थानों पर पाइप डले तो लोगों को योजना की भनक लगी तथा इसका चौतरफा विरोध होने लगा।
कहां-कहां से निकाला जाएगा पानी
शहर में अनेक स्थानों पर बारिश का पानी एकत्र हो जाता है। इसमें मुख्य रूप से नई सराय के पास स्थित सैन चौक, जमालपुर मोहल्ला, पुरानी कचहरी के पास, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के पास, मोहल्ला रावका, टीबी अस्पताल के पास, सीनियर सेकेंडरी स्कूल व स्टेडियम के पास शामिल हैं। विभाग इन सभी स्थानों के लिए पानी निकालने के लिए 209 लाख रुपये की लागत से पाइप डालेगा।
 दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर है शहर के पानी का बहाव
शहर में पानी का बहाव शहर के निजामपुर रोड व नांगल चौधरी रोड यानी दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर है। शहर के बीचों बीच बहने वाली छलक नदी का बहाव भी ऐसा ही है। वहीं नांगल चौधरी से पटीकरा व शहर की ओर आने वाली कृष्णावति नदी तथा हमीदपुर नदी का बहाव भी ऐसा ही है। ये नीमकाथाना से महेंद्रगढ़ की ओर बहती हैं। यह बहाव सदियों से ऐसा ही है।
 शहर का नाला व पुरानी सीवरेज व्यवस्था भी ऐसी ही
शहर के बीच जो छलक नाला बना है, वह भी इसी हिसाब से बनाया गया है। वहीं शहर में जो पुरानी सीवरेज व्यवस्था है, वह भी ऐसी ही है। जिसके तहत शहर के सीवर का सारा पानी नीरपुर की ओर बन रहे ट्रीटमेंट प्लांट में डाला जाता है।

 उत्तर से दक्षिण की ओर डालना चाह रहा विभाग पानी
शहर में पानी निकासी की व्यवस्था ही पूरी दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर निकालने की है। मगर अब जनस्वास्थ्य विभाग इसके विपरीत पानी निकालने की योजना बना रहा है। इससे लोगों को डर है कि यह व्यवस्था फेल हो सकती है तथा पानी निकासी के लिए लगाए गए लाखों रुपये पानी में ही बह जाएंगे।

केस एक:-
 सैन चौक का पानी नाले में डालने की योजना
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो सैन चौक पर जमा होने वाले पानी को रविदास मंदिर मार्ग होते हुए गंदे नाले में डाला जाना है। जबकि लोगों का कहना है कि रविदास मार्ग, मीरा जी, पुरानी सराय तथा नई सराय का पानी ढलान सैन चौक की ओर होने के कारण वहां जमा होता है। ऐसे में वापस पानी को गंदे नाले में कैसे डाला जा सकता है। वहीं बहाव के अनुसार यह उत्तर से दक्षिण की ओर हो जाएगा। ऐसे में यहां का पानी नहीं निकल पाएगा।

केस-दो
-पुरानी कचहरी का पानी भी नाले में डालने की योजना
विभाग पुरानी कचहरी के पास जमा होने वाले पानी को भी गंदे नाले में डालने की योजना बना रहा है, जो की गलत है। यह भी बहाव उत्तर से दक्षिण की ओर होगा। इससे भी पानी नहीं जाएगा। क्योंकि शनि मंदिर, शिवाजी नगर, पुरानी कचहरी की टंकी के पास का पानी पुरानी कचहरी गेट के पास जमा होता है, जो ज्यादा होने पर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस की ओर जाता है न की नाले की ओर।

शहर में पानी का बहाव दक्षिण से उत्तर की ओर है। मीरा जी का पानी सैन चौक पर जाता है। ऐसे में उस पानी को वापस कैसे लाया जा सकता है। यह असंभव है, इस योजना में घोटाले की बू आ रही है।
- विनय जिंदल

मोहल्ला गस्ती वाड़ा व मिश्रवाड़ा ऊंचाई वाले स्थान पर हैं। रविदास मंदिर के पास नाले की ऊंचाई अधिक है, जबकि आगे यह नीचा हो जाता है। वहीं सैन चौक काफी नीचा है। इसलिए सैन चौक का पानी नाले में नहीं डल सकता।
- नीरज सैनी

सैन चौक से पानी की निकासी होनी चाहिए, मगर यह पानी जमालपुर व पुरानी सराय के बीच बने जोहड़ में आसानी से निकाला जा सकता है। इसके लिए विभाग को पानी इस जोहड़ में डालना चाहिए।
- जितू कपिल

सैन चौक व जमालपुर में बारिश के पानी के कारण जल भराव हो जाता है। इस जलभराव की निकासी के लिए पहले सिंघाना रोड पर नाले बने थे, जो बारिश के पानी को सेक्टर एक व आईटीआई ग्राउंड में डालते थे। अब ये बंद हो गए हैं, इन्हीं नालों से दुबारा पानी निकाला जा सकता है, उल्टी गंगा बहाने से कोई फायदा नहीं होगा।
- नरेश मित्तल

शहर से पानी निकासी के लिए 209 लाख रुपये की योजना है। उन्होंने ड्राइंग बना ली है, फिर भी कहीं कोई संदेह हुआ तो वे अधिकारियों व उपायुक्त से इस बारे में बात करेंगे। पानी लेवल निकालकर ही निकाला जाएगा।
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- रामपाल, जेई जनस्वास्थ्य विभाग, नारनौल।
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