महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के पोषण जीवविज्ञान विभाग की ओर से खाद्य सुरक्षा पोषण एवं नवाचार विषय पर दस दिवसीय ज्ञान (ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ अकादमिक नेटवर्क्स) पाठ्यक्रम की सोमवार को शुरुआत की गई। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि खाद्य सुरक्षा, पोषण और नवाचार आमजन को पहुंचाना चाहिए।
कार्यक्रम में विदेशी विशेषज्ञ डाॅ. एंटोनियो रापोसो लूसोफोन यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूमेनेटिज एंड टेक्नोलाजिज लिसबन पुर्तगाल उपस्थित रहेंगे। दस दिवसीय कार्यक्रम में देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों से 59 प्रतिभागी शामिल होंगे। आयोजन में 26 विशेषज्ञ व्याख्यान एवं दस प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया जाएगा। विश्वविद्यलय की स्कूल ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी एंड एप्लाइड साइंसेज के डीन प्रो. दिनेश कुमार गुप्ता ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ज्ञान पाठ्यक्रम का उद्देश्य भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से जोड़कर शिक्षण और शोध की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाना है।
विश्वविद्यालय की शोध अधिष्ठाता प्रो. नीलम सांगवान ने विषय की महत्ता और प्रतिभागियों के लिए आयोजन की उपयोगिता पर विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि अवश्य ही इस आयोजन के माध्यम से जमीनी स्तर पर आमजन लाभांवित होंगे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विषय की महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा, पोषण और नवाचार सीधे तौर पर आमजन को पहुंचाना चाहिए। यह हमारा सामूहिक दायित्व है। यह कार्यक्रम विद्वानों में ज्ञानवर्धन के साथ-साथ जनजागरूकता को भी पोषण के प्रति बढ़ाने में सहायक होगा।
कुलपति ने आयोजन में सम्मिलित विदेशी विशेषज्ञ व राष्ट्रीय विशेषज्ञों के प्रति भी आभार व्यक्त किया और कहा कि विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए प्रतिभागी इस आयोजन में माध्यम से विषय के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझेंगे। उन्होंने खाद्य उत्पादों में पोषण के महत्त्व के प्रति आमजन की जागरूकता को अहम बताया।
विदेशी विशेषज्ञ डाॅ. एंटोनियो रापोसो ने विश्वविद्यालय कुलपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है। समन्वयक सहआचार्य डाॅ. तेजपाल ढेवा ने बताया कि डाॅ. तेजपाल ढेवा ने आयोजन में विश्वविद्यालय के ज्ञान समन्वयक प्रो. गुंजन गोयल का भी उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
डाॅ. उमेश कुमार, प्रो. पवन कुमार मौर्य, प्रो. कांति प्रकाश, प्रो. रूपेश देशमुख, डाॅ. विद्युल्लथा पेड्डीरेड्डी, डॉ. सविता बुधवार, डाॅ. अनिता कुमारी सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक उपस्थित रहे।